मंडी में कलेक्टर का औचक निरीक्षण, किसानों संग बैठकर किया भोजन और फिर
एमपी के इंदौर की लक्ष्मीबाई कृषि उपज मंडी में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब कलेक्टर शिवम वर्मा ने अचानक औचक निरीक्षण किया। समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं खरीदी व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे कलेक्टर ने न सिर्फ पूरी प्रक्रिया को परखा, बल्कि किसानों के साथ बैठकर भोजन कर उनकी समस्याएं भी जानीं। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जिले में समर्थन मूल्य खरीदी की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए यह निरीक्षण किया गया। कलेक्टर शिवम वर्मा सुबह अधिकारियों के साथ मंडी पहुंचे और यहां संचालित खरीदी केंद्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने गेहूं की तौल, गुणवत्ता जांच और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बताया कि जिले में कुल 90 खरीदी केंद्र संचालित हो रहे हैं, जिनमें लक्ष्मीबाई नगर मंडी में फिलहाल दो केंद्र सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि यहां खरीदी प्रक्रिया व्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित हो रही है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। कलेक्टर ने मंडी में उपलब्ध सुविधाओं जैसे पेयजल, कैंटीन और विश्राम गृह का भी निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
इस दौरान एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली, जब कलेक्टर शिवम वर्मा किसानों के बीच जमीन पर बैठकर भोजन करते नजर आए। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता की जांच की और इसे संतोषजनक बताया। कलेक्टर का यह अंदाज किसानों को भी काफी पसंद आया और उन्होंने व्यवस्थाओं को लेकर संतोष जताया। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जिले के सभी खरीदी केंद्रों पर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की दिक्कत न हो। इस औचक निरीक्षण से साफ है कि प्रशासन अब व्यवस्थाओं को लेकर ज्यादा सतर्क नजर आ रहा है और किसानों को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।