चना बेचकर भी किसान बेहाल, 8 दिन बाद भी नहीं मिला भुगतान, मंडी में अव्यवस्था का अंबार !
एमपी के बुरहानपुर की रेणुका कृषि उपज मंडी में समर्थन मूल्य पर चना खरीदी तो शुरू हो गई है, लेकिन व्यवस्थाओं की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 5875 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने पहुंचे किसान अब भुगतान और सुविधाओं के लिए भटक रहे हैं। मंडी में हालात ऐसे हैं कि किसानों को तेज धूप में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई किसान तो 2 से 3 दिन तक मंडी में ही रुकने को मजबूर हैं, क्योंकि खरीदी प्रक्रिया बेहद धीमी चल रही है। इस दौरान न तो पीने के पानी की समुचित व्यवस्था है और न ही बैठने के लिए छाया।
किसानों का आरोप है कि खरीदी केंद्र पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। लंबी कतारों और अव्यवस्था के कारण उनका समय और मेहनत दोनों बर्बाद हो रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या भुगतान को लेकर सामने आ रही है। किसानों का कहना है कि चना बेचने के 8 दिन बाद भी उन्हें बिल और भुगतान नहीं मिला है। इससे नाराज किसानों ने साफ कहा कि अगर समय पर भुगतान नहीं हो सकता, तो उनकी उपज वापस कर दी जाए, ताकि वे खुले बाजार में बेच सकें। मामले की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी कलेक्टर राजेश पाटीदार और कृषि विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
अधिकारियों का कहना है कि सर्वर की तकनीकी समस्या के कारण पिछले कुछ दिनों से भुगतान में देरी हो रही है, जिसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ सर्वर की समस्या ही किसानों की परेशानी की वजह है, या फिर यह पूरी व्यवस्था की लापरवाही है? भीषण गर्मी में मंडी और प्रशासन के बीच फंसा किसान आज भी अपनी मेहनत की कीमत के लिए इंतजार कर रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल पाता है, या फिर किसानों का यह संघर्ष यूं ही जारी रहेगा।