सागर- विधवा भाभी को सहारा देने वाले युवक का बहिष्कार,भोज न कराने पर समाज से अलग किया ! SAGAR TV NEWS
कहते हैं की कर सको तो किसी का अच्छा करो, जितनी बन सके उतनी मदद करो, कुछ दे सको तो सहारा दो, ऐसा ही कुछ सागर जिले में रहने वाले एक देवर ने भी किया उसने अपनी विधवा भाभी को एक नई ज़िंदगी दी। सामाजिक कुरीतियों को तोड़ते हुए उनके साथ शादी कर घर बसाया और एक नई ज़िंदगी की शुरुआत की। लेकिन अब उसी दम्पति का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। वो भी इसलिए की गांव वालों को सामाजिक भोज नहीं कराया गया। आरोप है की शादी के बाद गांव के लोगों को भोज नहीं कराने पर समाज के मुखिया ने दंपत्ति का न केवल गांव बल्कि आस-पास गांवों से भी बहिष्कार कर दिया। अब पीड़ित दंपत्ति ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
यह पूरी खबर सागर के चितौरा क्षेत्र की है। राजेंद्र पटेल के मुताबिक उन्होंने करीब 8 महीने पहले मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना के तहत एक विधवा से शादी की थी। महिला के पहले पति की जान जा चुकी है। उसकी एक छोटी बच्ची भी है। राजेंद्र ने महिला के साथ-साथ उसकी बच्ची को भी अपनाया।
राजेंद्र का कहना है कि उन्होंने समाज के सामने एक सकारात्मक उदाहरण पेश करने की कोशिश की, लेकिन गांव के कुछ दबंग और समाज के कथित मुखिया को यह बात नागवार गुजरी। शादी के बाद से ही उन्हें और उनकी पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। ऐसा आरोप है कि समाज के मुखिया ने उनसे ये कहा की विधवा महिला से शादी करने के बाद समाज में स्वीकार्यता पाने के लिए पहले कच्चा भोजन और उसके बाद पक्का भोजन पूरे समाज को कराना होगा। लेकिन पीड़ित ने यह शर्त मानने से इंकार कर दिया। तो उसके खिलाफ सामाजिक बहिष्कार का फैसला सुना दिया।
सिर्फ गांव ही नहीं बल्कि आसपास के गाँवों से भी उसका बहिष्कार कर दिया। दंपत्ति का ये भी आरोप है कि उनकी पत्नी की बच्ची को गांव के अन्य बच्चों के साथ खेलने नहीं दिया जाता। परिवार को किसी भी सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जाता। राजेंद्र का कहना है की वह लगातार इस स्थिति से जूझ रहे हैं। उन्हें प्रशासन से न्याय की उम्मीद है। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।