अतिक्रमण कार्यवाई के दौरान बवाल,वन विभाग और पुलिस टीम पर पथराव,4 लोग हुए घायल ! | SAGAR TV NEWS |
जंगल में वन विभाग की जमीन पर लोगों ने कब्जा कर लिया। अतिक्रमणकारियों ने जंगल को नुक्सान पहुंचाया। साथ ही जब वन विभाग और पुलिस की टीम ने कार्यवाई की तो हालात बिगड़ गए। दरअसल टीमों पर अतिक्रमणकारियों द्वारा पथराव कर दिया गया। जिसमें जेसीबी चालक समेत चार लोग घायल बताये जा रहे हैं। इसके बाद मौके पर 500 से ज्यादा अधिकारीयों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। यह पूरा बवाल एमपी के बुरहानपुर जिले में अतिक्रमण हटाने के दौरान देखने को मिला। जहां झांझर गांव में वन विभाग और पुलिस टीम पर पथराव किया गया।
बताया जा रहा है की बुरहानपुर के वनमंडल नेपानगर रेंज के झांझर गांव में सुबह के समय वन विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। इस दौरान अतिक्रमण कारियों ने टीम पर पथराव कर दिया। जिसमें वनकर्मियों समेत करीब 4 लोग घायल हो गए। जिनमें एक जेसीबी चालक भी शामिल है। जिसे जिला अस्पताल भेजा गया।
दरअसल लंबे समय से वन विभाग बाहरी अतिक्रमणकारियों को जिले से खदेड़ने की योजना बना रहा था। लेकिन कार्रवाई की तारीख मुक़र्रर नहीं हो पा रही थी। अब वन विभाग ने जिले में बड़ी कार्रवाई रविवार से शुरू की, जहां लोगों ने इसका विरोध किया। इस अभियान में निमाड़ के 4 जिलों से वन विभाग का अमला और स्थानीय पुलिस टीम शामिल है। बुरहानपुर डीएफओ विद्याभूषण सिंह के मुताबिक नेपानगर रेंज में बाहरी अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर उन्हें बेदखल करने की कार्रवाई की जा रही है। जिसमें पुलिस-प्रशासन बुरहानपुर के अलावा खंडवा वन मंडल, खरगोन, बड़वाह समेत अन्य जिलों के वनकर्मी भी शामिल हैं। करीब 500 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारियों की टीम जेसीबी और अन्य संसाधनों के साथ फील्ड में मौजूद है।
वहीं जिला अस्पताल में सीधी निवासी जेसीबी चालक कमल बंसल को भर्ती कराया गया है। उसने बताया कि अभियान के दौरान अतिक्रमणकारियों ने अमले पर पथराव कर दिया था। जेसीबी पर पत्थर मारे, स्टेयरिंग पर झटका लगने से जेसीबी पलट गई। चालक के सिर में गंभीर चोटें आईं। बताया गया की बीते कुछ सालों में नेपानगर और नावरा रेंज में बड़े पैमाने पर वन कटाई हुई है। बाद में इसे विकसित करने लाखों की संख्या में पौधे लगाए गए। लेकिन इन्हें पेड़ बनने में 15 से 20 साल का समय लगेगा। वन विभाग दोबारा अतिक्रमण और वन कटाई रोकने के लिए प्रयासरत है।
तकरीबन ढाई साल पहले अतिक्रमण कारियों ने जिले में बड़े पैमाने पर जंगलों में तबाही मचाई थी। इन बाहरी अतिक्रमणकारियों ने वन अधिकारियों के सामने ही कई पेड़ों की कटाई की थी। जिसके बाद प्रशासन ने कार्यवाई कर एक हजार से ज्यादा झोपड़ियां तोड़ अतिक्रमणकारियों को खदेड़ा था। वन विभाग अपात्र लोगों को हटा रहा है।------