रेत माफियाओं को लेकर एसपी ने बनाया ड्रोन प्लान,पकड़े 7 ट्रेक्टर ट्रॉली, टीआई को भनक तक नहीं लगी
एसपी ने रेत माफियाओं के खिलाफ कार्यवाई करने के लिए इतना खूफिया प्लान बनाया की सम्बंधित थाना क्षेत्र के टीआई को कानों कान भनक तक नहीं लगने दी और ड्रोन की मदद से रेत माफियाओं के खिलाफ कार्यवाई की गयी। जिसके बाद हड़कंप मच गया। साइबर सेल की मदद से पुलिस टीम ने 7 ट्रेक्टर-ट्रॉलियों को पकड़ा। मामला एमपी के बालाघाट जिले का है। जहां पुलिस ने ड्रोन की मदद से बैनगंगा नदी के गोंगलईघाट में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। यह पूरा प्लान एसपी आदित्य मिश्रा ने तैयार किया था। बताया गया की शनिवार सुबह करीब सात बजे से शुरू हुई ये कार्रवाई दोपहर एक बजे तक चली। पुलिस टीम को देखकर चालक वाहनों को खड़ा कर मौके से भाग निकले। इसके बाद पुलिसकर्मी सातों ट्रैक्टर-ट्राली चलाते हुए कोतवाली थाने पहुंचे। पुलिस बिना नंबर के वाहन मालिकों और चालकों का पता कर प्रकरण तैयार कर रही है।
अवैध उत्खनन की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने प्लान तैयार किया। ड्रोन के माध्यम से उत्खनन और परिवहन की निगरानी की गई। इसके बाद अलग-अलग छह टीमें गठित कर एक साथ बैनगंगा नदी के गोंगलईघाट पर छापा मारा गया। एसपी के निर्देश पर रेत माफिया पर कार्रवाई के लिए निरीक्षक कामेश धूमकेती के नेतृत्व में छह टीम बनाई गईं। इनमें अलग-अलग थानों के एसआई, हेड कांस्टेबल और आरक्षक शामिल किए गए। इन टीमों में साइबर सेल के चुनिंदा आरक्षकों की विशेष तौर पर शामिल किया गया। हर टीम में 10 लोग शामिल किए। लेकिन एसपी ने हथियारों से लैस टीमों को ये नहीं बताया की उन्हें कहां और क्या करना है। इसके बाद प्लान के तहत पुलिस कर्मियों ने ड्रोन से नज़र रखी और एक साथ छापा मार दिया। इस पूरी कार्यवाई की भनक भी कोतवाली पुलिस को नहीं लगी।
दरअसल बालाघाट जिले में रेत का करोड़ों रुपए का अवैध कारोबार होता है। वैनगंगा, बाघ, चनई और अन्य सहायक नदियों के साथ-साथ वन क्षेत्रों से भी रेत के अवैध परिवहन की खबरें अक्सर सामने आती हैं। जिले में रेत खनन का कोई ठेका न होने के बावजूद बड़े पैमाने पर अवैध खनन और परिवहन जारी है।------