स्कूलों पर सख्ती का डंडा, कलेक्टर की चेतावनी, लापरवाही मिली तो खुद लगाऊंगा ताला!
एमपी के इंदौर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने प्राइवेट स्कूल संचालकों के साथ हुई अहम बैठक में साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि सुरक्षा नियमों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा—अगर कहीं भी खामियां मिलीं, तो वे खुद मौके पर जाकर स्कूल में ताला लगवा देंगे। बैठक में स्कूल बसों की सुरक्षा को लेकर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी बसों में पैनिक बटन, स्पीड गवर्नर, जीपीएस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से चालू हालत में होने चाहिए। इसके अलावा बसों में फर्स्ट-एड बॉक्स, फायर एक्सटिंग्विशर और इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था भी जरूरी होगी। ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक लगाई गई है, वहीं ड्राइवर के पास कम से कम 5 साल का अनुभव होना अनिवार्य किया गया है।
फायर सेफ्टी को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सिर्फ औपचारिकता के तौर पर अग्निशमन यंत्र रखना अब पर्याप्त नहीं होगा। बड़े स्कूलों में स्प्रिंकलर सिस्टम, स्पष्ट एग्जिट प्लान और नियमित मॉक ड्रिल अनिवार्य कर दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। मिड-डे मील किचन को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टर ने गैस सिलेंडर के बजाय PNG कनेक्शन अपनाने पर जोर दिया, ताकि हादसों की संभावना को कम किया जा सके।
कलेक्टर ने बताया कि जल्द ही आरटीओ और नगर निगम की संयुक्त टीमें स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगी। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया गया, वहां तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस सख्ती के साथ प्रशासन ने साफ संदेश दे दिया है—बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। अब स्कूलों को नियमों का पालन हर हाल में करना होगा, वरना कार्रवाई तय है।