सागर-खदान में नहाने उतरे 3 दोस्त डूबे, एक का शव मिला – CM ने किया 4 लाख के मुआवजे का ऐलान
मध्यप्रदेश के सागर से एक दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है… जहां एक पल की लापरवाही तीन परिवारों पर भारी पड़ गई। खदान का पानी, जो देखने में शांत था, कुछ ही मिनटों में मौत का कुंड बन गया… और तीन युवा उसमें समा गए।
मध्यप्रदेश के सागर जिले के बहेरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुड़ा के पास स्थित एक क्रेशर खदान में नहाने के दौरान तीन युवकों के डूबने की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
बताया जा रहा है कि चार युवक दोपहर करीब 12:30 बजे खदान पर पहुंचे थे। गर्मी से राहत पाने के लिए सभी पानी में नहाने लगे। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मस्ती कुछ ही पलों में मातम में बदल जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शी शिवा वाल्मिकी के मुताबिक, सबसे पहले तनिश कोरी पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए अभिषेक उर्फ अध्धा तुरंत कूद पड़ा। लेकिन हालात और बिगड़ गए, जब तेजराम पटेल भी अपने दोस्तों को बचाने के लिए पानी में उतर गया… और फिर तीनों गहराई में समा गए।
वहीं चौथे युवक आयुष को साथियों ने किसी तरह बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जब तक मदद पहुंचती, तीनों युवक पानी में लापता हो चुके थे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। एसडीआरएफ की टीम को बुलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। देर रात तक चले सर्च ऑपरेशन में एक युवक अभिषेक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि बाकी दो युवकों तनिश और तेजराम की तलाश जारी है।
घटना के बाद खदान के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई। परिजन बेसुध हालत में नजर आए… किसी का बेटा, किसी का भाई… अब वापस नहीं लौटेगा। हर तरफ चीख-पुकार और मातम का माहौल है।
स्थानीय विधायक प्रदीप लारिया भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन को तेजी से राहत और बचाव कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़े करता है… आखिर क्यों खुले और गहरे खदानों पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं होते? कब तक ऐसे हादसे यूं ही जिंदगियां निगलते रहेंगे?
फिलहाल, दो युवकों की तलाश जारी है… और पूरे सागर की निगाहें अब इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं।