कलेक्टर के आदेश से खुलेगा पौधरोपण घोटाले का राज!, 200 पौधों का खेल?
एमपी के हरदा जिले में विकास कार्यों पर सवाल खड़े हो गए हैं। छीपानेर के अमृत तालाब के आसपास हुए पौधरोपण को लेकर अब जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन के एक्शन से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। दरअसल, ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि मनरेगा के तहत अमृत तालाब के आसपास 200 पौधे लगाने की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन मौके पर उतने पौधे नजर नहीं आ रहे। आरोप है कि कागजों में पूरा काम दिखाकर राशि निकाल ली गई, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने तुरंत एसडीएम टिमरनी को जांच के निर्देश दिए हैं। अब जांच में यह सामने आएगा कि वास्तव में कितने पौधे लगाए गए और कहीं सरकारी राशि में गड़बड़ी तो नहीं हुई। कलेक्टर ने अपने दौरे के दौरान केवल पौधरोपण ही नहीं, बल्कि अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। ग्राम तजपुरा के गेहूं उपार्जन केंद्र पहुंचकर उन्होंने किसानों की सुविधाओं का निरीक्षण किया। स्लॉट बुकिंग की स्थिति जानी और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। छाया, पानी और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके साथ ही कलेक्टर ने तजपुरा और छीपानेर के आयुष्मान आरोग्य केंद्रों का भी निरीक्षण किया। छीपानेर के स्वास्थ्य केंद्र तक सड़क निर्माण को लेकर पंचायत सचिव को निर्देश दिए गए, ताकि मरीजों को आवागमन में दिक्कत न हो। इस पूरे मामले ने एक बार फिर विकास कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो तय करेगी कि यह लापरवाही है या फिर कोई बड़ा घोटाला। क्या सच सामने आएगा? क्या जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई? ये सवाल फिलहाल हरदा की सियासत और प्रशासन में चर्चा का विषय बने हुए हैं।