समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में बड़ा घोटाला,कागजों में 577 क्विंटल खरीदी, गोदाम में 3007 क्विंटल ज्यादा स्टॉक
गेहूं घोटाले का एक सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। कार्यवाई के बाद हड़कंप की स्थिति बन गयी। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में बड़ा घोटाला सामने आया है। जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जहां कागजों में केवल 577.50 क्विंटल गेहूं की खरीदी दर्ज थी। जबकि वास्तविक रूप से गोदाम में 3007.50 क्विंटल गेहूं ज्यादा पाया गया। निरीक्षण के दौरान 8007 कट्टियों में करीब 4003.50 क्विंटल गेहूं मिला। साथ ही अलग से 1 हजार से 11 सौ क्विंटल गेहूं का अतिरिक्त भंडारण भी पाया गया। मामला एमपी के हरदा जिले से सामने आया है। जहाँ खिरकिया में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में बड़ा घोटाला किया गया।
बताया जा रहा है की यह गड़बड़ी एसडीएम, डीएमओ और वेयर हाउस कॉर्पोरेशन के अधिकारियों की संयुक्त जांच में उजागर हुई। इसके बावजूद प्रशासन की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। क्योंकि वेयर हाउस को सील करने के बजाय केवल ताला लगाकर खरीदी बंद कर दी गई। वहीं खरीदी करने वाली सहकारी समिति को जांच से पहले ही क्लीन चिट देने की बात सामने आ रही है।
जानकारी के मुताबिक जिस समिति को खरीदी का जिम्मा दिया गया। वह पिछले करीब 10 सालों से निष्क्रिय थी। इतना ही नहीं, केंद्र प्रभारी के रूप में एक पूर्व कर्मचारी को नियुक्त कर दिया गया। जिससे अधिकारियों की भूमिका पर भी संदेह गहराता है। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब बारदाने की असामान्य मांग ने अधिकारियों का ध्यान खींचा। खैर अब देखने वाली बात ये है की इतने बड़े घोटाले में जिम्मेदारों पर क्या ठोस कार्रवाई होती है। या मामला रफा दफा कर दिया जाता है। मामले में कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने जानकारी दी।