टीआई को फटकार, कानून से ऊपर मत बनो, NHRC का सांची थाने पर सख्त एक्शन!
एमपी के रायसेन जिले के विश्व प्रसिद्ध सांची से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सांची थाना का औचक निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं को देखकर जमकर नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं। बताया गया कि थाने में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की गिरफ्तारी का समय तक दर्ज नहीं था, जो कि कानून का सीधा उल्लंघन है। इतना ही नहीं, कुछ लोगों को नियमों के विरुद्ध 24 घंटे से अधिक समय तक थाने में बैठाकर रखा गया था, जो मानवाधिकारों का खुला हनन माना जाता है।
इन अव्यवस्थाओं को देखकर प्रियंक कानूनगो का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मौके पर मौजूद थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी को सरेआम फटकार लगाई। कानूनगो ने दो टूक शब्दों में कहा— “कानून के हिसाब से चलें, उससे ऊपर बनने की कोशिश न करें।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर रोजनामचा और सीसीटीवी फुटेज का मिलान किया गया, तो सीधे सस्पेंशन की कार्रवाई हो सकती है। कानूनगो ने स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपी को 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश करना अनिवार्य है और इस नियम का उल्लंघन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने थाने में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई नहीं जानी चाहिए।
इस सख्त कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों में भय का माहौल देखा जा रहा है और व्यवस्थाओं को तुरंत दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई है। यह मामला एक बार फिर पुलिस सिस्टम में जवाबदेही और मानवाधिकारों के पालन की आवश्यकता को उजागर करता है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।