डिजिटल अरेस्ट स्कैम का MP कनेक्शन, म्यूल अकाउंट से खुला 67 लाख की ठगी का खेल !
साइबर अपराधियों का जाल अब देश के अलग-अलग राज्यों को जोड़ते हुए बड़ा रूप लेता जा रहा है। ताजा मामला तमिलनाडु के कोयंबटूर से सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग दंपति को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर लाखों रुपए की ठगी की गई। इस पूरे मामले में मध्य प्रदेश के रतलाम का कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जानकारी के मुताबिक, ठगों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर बुजुर्ग दंपति को “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाया। डर के माहौल में फंसे दंपति से कुल 67 लाख 75 हजार 301 रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। जब मामले की जांच शुरू हुई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस रकम में से करीब 47 लाख 75 हजार रुपए रतलाम के एक बैंक खाते में भेजे गए थे।
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद पुलिस ने ट्रांजेक्शन डिटेल्स खंगाले। फेडरल बैंक से मिली जानकारी के आधार पर रतलाम के एक खाते को संदिग्ध पाया गया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस हरकत में आई। जांच के दौरान सामने आया कि यह बैंक खाता माणकचौक निवासी 23 वर्षीय प्रथम मित्तल के नाम पर था। पूछताछ में प्रथम ने कबूल किया कि उसने अपने साथियों हेमंत रायक उर्फ मोनू और शुभम रेडा के कहने पर कमीशन के लालच में यह “म्यूल अकाउंट” खुलवाया था। इस खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।
माणकचौक थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। अब पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। एसपी अमित कुमार के मुताबिक, जिले में साइबर अपराध के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाता खोलने या इस्तेमाल करने से बचें। पुलिस को आशंका है कि यह मामला किसी बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जिसकी जांच अभी जारी है।