सागर- 1 लाख की डिमांड करने वाला रेंजर और बाबू ट्रैप, रिश्वतखोरी पर लोकायुक्त का बड़ा वार
सागर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां खेत की लकड़ी के परिवहन की अनुमति देने के नाम पर रिश्वत मांग रहे वन विभाग के रेंजर और क्लर्क को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। मामला बंडा वन परिक्षेत्र का है, जहां पदस्थ रेंजर विकास सेठ और क्लर्क जयप्रकाश तिवारी पर एक किसान से एक लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायतकर्ता किसान विजय सिंह राजपूत ने बताया कि उनके खेत में लगी लकड़ी के परिवहन के लिए वन विभाग से परमिशन जरूरी थी, जिसके लिए उन्होंने आवेदन किया था।
आरोप है कि आवेदन के बाद से ही क्लर्क द्वारा लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। किसान पहले ही 40 हजार रुपए दे चुका था, लेकिन इसके बाद भी रेंजर द्वारा अतिरिक्त रकम की मांग जारी रही। कुल मिलाकर एक लाख रुपए की डील तय की गई थी। लगातार हो रही वसूली से परेशान होकर किसान ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। तय योजना के तहत किसान को शेष 50 हजार रुपए लेकर कार्यालय भेजा गया।
जैसे ही रेंजर ने रिश्वत की रकम ली, पहले से मौके पर तैनात लोकायुक्त टीम ने तुरंत दबिश देकर रेंजर विकास सेठ और क्लर्क जयप्रकाश तिवारी को रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान मौके से रिश्वत की राशि भी बरामद की गई। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। यह कार्रवाई साफ संदेश देती है—रिश्वतखोरी अब बर्दाश्त नहीं होगी।