सागर केंद्रीय जेल में टीबी मुक्त भारत की पहल, कैदियों के लिए लगा विशेष स्वास्थ्य शिविर SAGAR TV NEWS
सागर से एक सकारात्मक और जागरूकता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है, जहां ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत केंद्रीय जेल में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानी आईएमए सागर शाखा और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य कैदियों और जेल स्टाफ को टीबी के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय जेल के उप अधीक्षक द्वारा डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के स्वागत के साथ हुई। उन्होंने कहा कि जेल जैसे बंद और भीड़भाड़ वाले स्थानों में संक्रामक बीमारियों का खतरा अधिक होता है, ऐसे में समय पर जांच और जागरूकता बेहद जरूरी है।
आईएमए सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने टीबी के कारण, लक्षण और इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से हवा के जरिए फैलती है। यह मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है, लेकिन शरीर के अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। डॉक्टरों ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, सीने में दर्द, खून वाली खांसी, वजन घटना, कमजोरी या रात में पसीना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत जांच करानी चाहिए।
केंद्रीय जेल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. शाक्य ने ‘लेटेंट टीबी’ यानी छिपी हुई टीबी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई बार व्यक्ति संक्रमित होता है, लेकिन लक्षण दिखाई नहीं देते। ऐसे मामलों में Cy-TB जांच और 12 सप्ताह का उपचार बेहद प्रभावी साबित होता है। वहीं, डॉ. जितेंद्र सराफ ने राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मिलने वाली मुफ्त जांच और DOTS उपचार की जानकारी दी, जो पूरी तरह निशुल्क है। कार्यक्रम के दौरान कैदियों और जेल स्टाफ को साफ-सफाई, पोषण और सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया गया। यह पहल सागर जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है, और भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे।