CM के खिलाफ महिला कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन! हिमंत बिश्व सरमा का पुतला फूंका, बयान पर भड़का गुस्सा
मध्यप्रदेश के भोपाल में महिला कांग्रेस ने असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिश्व सरमा के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन महिला कांग्रेस की महासचिव रूपाली शर्मा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है, जो न केवल व्यक्तिगत बल्कि सामाजिक रूप से भी अपमानजनक है।
प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह बयान अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग का भी अपमान है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रूपाली शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान उनकी “ओछी मानसिकता” को दर्शाते हैं और एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की भाषा का प्रयोग करना शोभा नहीं देता। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक मुख्यमंत्री के लिए इस तरह की टिप्पणी करना उचित है? महिला कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि चुनावी माहौल में इस तरह के बयान देकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि असम में जल्द चुनाव परिणाम आने वाले हैं और हार के डर से मुख्यमंत्री इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हिमंत बिश्व सरमा से इस्तीफा देने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। अन्य पदाधिकारियों ने भी संयुक्त रूप से कहा कि इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक परंपराओं और सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ है। महिला कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि जब तक मुख्यमंत्री माफी नहीं मांगते, उनका विरोध जारी रहेगा—चाहे वह सड़क हो या सदन। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी के स्तर और मर्यादा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।