Sagar - नौरादेही में पहली बार दिखी दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली , खासियत जानकर दंग रह जाओगे
प्रदेश के सबसे बड़े नौरादेही टाइगर रिजर्व में पहली बार दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली रस्टी स्पॉटेड कैट दिखी है। बाघ गणना के लिए डोंगरगांव रेंज में लगाए गए ट्रैप कैमरे में इसकी तस्वीर कैद हुई है।
भारत में इसे वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के तहत बाघ की तरह संरक्षण प्राप्त है। यह प्रजाति मुख्यतः शुष्क पर्णपाती वन, झाड़ियों, घास के मैदानों और पथरीले क्षेत्रों में पाई जाती है। IUCN रेड लिस्ट में इसे विलुप्त होते जीवों की श्रेणी में रखा गया है। 2 हजार 339 वर्ग किलोमीटर में फैला वीरांगना
दुर्गावती टाइगर रिजर्व सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों में स्थित है। अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यहां बाघ, तेंदुए, भालू, भेड़िए और दुर्लभप्रजाति के गिद्ध हैं। चीतों को लाने की तैयारी चल रही है।
दुर्लभ जंगली बिल्ली की मौजूदगी से यह भी संकेत मिल रहे हैं कि टाइगर रिजर्व का यह क्षेत्र छोटी जंगली बिल्ली प्रजातियों के लिए भी उपयुक्त आवास प्रदान करता है। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट एसके मलिक ने इस प्रजाति के व्यवहार, वितरण और संरक्षण की स्थिति को बेहतर समझने के लिए आगे और अध्ययन की आवश्यकता बताई है।
यह निशाचर होती है, इसलिए इसे दिन के उजाले में देख पाना लगभग असंभव है। टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि इस नन्हीं बिल्ली को वही कानूनी सुरक्षा प्राप्त है जो जंगल के राजा बाघ को मिलती है। इसका वैज्ञानिक नाम Prionailurus rubiginosus है। दुर्लभ बिल्ली की उपस्थिति टाइगर रिजर्व में वन्य जीवों के लिए एक आदर्श और अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाती है