एआई बनेगा महा-ब्रह्मास्त्र, 10 साल में 70 लाख नौकरियों की गारंटी,सुरक्षा भी और रोजगार भी !
आने वाले पांच सालों में एआई के लिए दस लाख लोगों को नौकरी मिलेगी। वहीं अगले दस सालों में हिंदी,अंग्रेजी समेत अन्य भाषाओं के काम के लिए 70 लाख नौकरियां पैदा होंगी। यह बात बैंगलोर में स्थित कम्पनी में एआई पर काम करने वाले एक युवा ने कही है। उनका कहना है की आने वाले समय में बस या अन्य किसी ड्राइवर को झपकी आती है तो उसे अलर्ट कर दिया जायेगा। ये न सिर्फ खेती की रक्षा करेगा बल्कि सुझाव भी देगा। कैमरों में एएआई सिस्टम आ गया है।
बता दें की एमपी के उज्जैन में आयोजित महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम सम्मेलन में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के पूर्व महानिदेशक वी.के. सारस्वत ने भी भविष्य की ऐसी ही हकीकत पेश की। उन्होंने बताया कि भारत अब ड्रोन से आगे बढ़कर एआई आधारित तंत्रिका-तंत्र हथियारों की ओर बढ़ रहा है।
इस दौरान बेंगलुरु की विश्वना टेक्नो सॉल्यूशंस कंपनी में एआई पर कार्य कर रहे रवि तेजा ने भविष्य में एआई से विकास से जुड़ी संभावनाओं पर खास चर्चा की। उन्होंने युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी साझा करते हुए बताया कि एआई नौकरियां खत्म नहीं करेगा। बल्कि अगले पांच सालों में 10 लाख और आगामी दस सालों में हिंदी, गुजराती, मराठी, तेलुगु और तमिल जैसी क्षेत्रीय भाषाओं को तकनीक से जोड़ने के लिए लगभग 70 लाख नए रोजगार पैदा करेगा। यह उन युवाओं के लिए बड़ा अवसर है जो अपनी मातृभाषा के माध्यम से भविष्य की तकनीक से जुड़ना चाहते हैं।
खेती के क्षेत्र में एआई अब किसानों का सबसे बड़ा सहारा बन रहा है। सटीक खेती के जरिए किसान अपने मोबाइल से ही फसलों के फोटो खींचकर बीमारियों और खाद की जरूरत का पता लगा पा रहे हैं। जिससे लागत कम और पैदावार बढ़ रही है। वहीं, सुरक्षा के मोर्चे पर बेंगलुरु की सभी स्कूल बसों में एआई तंत्र लग चुका है। जो न केवल चालक की थकान और नींद को पहचानता है। बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखता है। जल्द ही यह सुरक्षा कवच देश की सभी बसों का हिस्सा बनेगा। इसके साथ ही भारतीय रेलवे में एआई कैमरे अब किचन की स्वच्छता और भोजन की ताजगी की निगरानी कर रहे हैं। साफ़ है कि आने वाला समय एआई के जरिए सुरक्षा, स्वाद, खेती और लाखों नौकरियों की गारंटी देगा।-