जखीरे समेत पकड़े गए नशे के सौदागर,लाखों नगदी के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार,बड़ी कार्यवाई
एक गैरेज पर बड़ी कार्यवाई करते हुए पुलिस ने नशे के सौदागरों को पकड़ा है। साथ ही एमडीएमए बनाने वाली ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया। इसके अलावा पुलिस ने 75 किलो घातक केमिकल,साढ़े आठ लाख रूपये की नगदी समेत तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्यवाई एमपी की उज्जैन जिले की पुलिस ने की है। जहां धार्मिक नगरी को नशे के दलदल में धकेलने की एक बड़ी और खतरनाक साजिश को उज्जैन पुलिस ने नाकाम कर दिया। थाना चिमनगंज पुलिस ने एक साहसिक कार्रवाई करते हुए घातक सिंथेटिक ड्रग्स (एमडीएमए) बनाने के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया। पुलिस ने आगर रोड स्थित कृष्णा मोटर्स गैरेज पर दबिश देकर भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बनाने के काम आने वाला प्रतिबंधित केमिकल और लाखों रुपये की नकदी बरामद की है। इस कार्रवाई ने शहर में पैर पसारने से पहले ही ड्रग सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है।
एडिशनल एसपी आलोक शर्मा के मुताबिक मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि गैरेज में ड्रग्स निर्माण के लिए अवैध रसायनों का जखीरा छुपाया गया है। पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर मुख्य आरोपी अर्पित उर्फ सौरभ गुप्ता को हिरासत में लिया। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपियों ने गुजरात की केमिकल कंपनियों से धोखाधड़ी कर ब्रोमोपोल और 2-ब्रोमो-4-मिथाइल प्रोपियोफिनोन जैसे घातक पदार्थ मंगाए थे। इस सामग्री से बड़े पैमाने पर एमडीएमए तैयार कर ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी थी। पुलिस ने मौके से 75 किलो ब्रोमोपोल क्रिस्टल पाउडर, ड्रग्स की बिक्री से कमाए गए 8,50,000 रुपये नकद, फर्जी बिल और तस्करी में इस्तेमाल होने वाली बलेनो कार जब्त की है। मामले में उज्जैन निवासी अर्पित के साथ रंजीत (मंदसौर) और ओमप्रकाश (आगर मालवा) को गिरफ्तार किया है। इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफल बनाने में चिमनगंज मंडी थाना, साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य गुर्गों और गुजरात की उन कंपनियों की जांच कर रही है जहाँ से यह माल भेजा गया था।-