Sagar - आज 0% ब्याज में ऋण चुकाने का अंतिम दिन, जिले के 7354 किसानों पर डिफॉल्टर होने का खतरा
खरीफ सीजन के लिए 0% ब्याज योजना का लाभ लेने की आज (28 मार्च) अंतिम तारीख है। इसके बाद, 29 मार्च से किसानों को 13% तक का भारी-भरकम ब्याज चुकाना पड़ सकता है। प्रदेश में संकट यह है कि सरकारी स्तर पर गेहूं खरीदी अब तक शुरू नहीं हुई है, वहीं मंडियों में दाम समर्थन मूल्य से काफी कम हैं।
ऐसे में अपना गेहूं बाजार में औने-पौने दाम पर न बेच पाने कारण किसान कर्ज की रकम जमा नहीं कर पा रहे हैं।
बता दे की सागर जिले में इस सीजन 24 हजार 775 किसानो ने 0% की ब्याज दर पर ऋण लिया था जिसमें से अब तक 17421 किसान अपना ऋण जमा कर चुके हैं, इसके बावजूद जिले भर में 7354 किसान शेष रह गए हैं जिनसे 1781.46 लाख रुपये की रिकवरी अटकी हुई है ऐसे किसानों पर अल्पकालिन फसल नहीं चुकाने पर डिफाल्टर होने का खतरा मंडरा रहा है
सागर जिले में पहले गेहूं खरीदी की प्रक्रिया 17 मार्च से शुरू की जानी थी लेकिन ऐसे बढ़कर 7 अप्रैल कर दिया गया, यानी कर्ज चुकाने की डेडलाइन तक किसानों के पास उपज बेचने का विकल्प नहीं है। यदि किसान मजबूरी में मंडी में गेहूं बेचता है, तो उसे समर्थन मूल्य (बोनस सहित 2625 रुपये) के मुकाबले 600 रुपए का सीधा घाटा हो रहा है। मंडियों में गेहूं के औसत रेट 2000 से 2100 रुपये के बीच बने हुए हैं।
बैंकों की वास्तविक ब्याज दर 7% होती है। इसमें केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कुल 3% का सीधा अनुदान देती हैं। जो किसान निर्धारित समय सीमा तक कर्ज चुका देते हैं, उन्हें राज्य सरकार 4% का विशेष प्रोत्साहन अनुदान देती है और प्रभावी ब्याज 0% हो जाता है। लेकिन, जो किसान आज चूक जाएंगे, उन्हें 4% ब्याज देना होगा, साथ ही उन पर भारी-भरकम पेनाल्टी भी लगेगी, जिससे ब्याज का बोझ 13% तक पहुंच सकता