दुनिया से जाते-जाते 3 ज़िंदगियां रोशन कर गया युवक, धड़कता रहेगा उसका जीवन
कहते हैं की अगर ज़िंदगी के साथ भी और जिंगदी के बाद भी लोग आपको याद रखें तो कुछ ऐसा करना पड़ेगा जो हमेशा याद रखा जाए। इसी तरह एक युवा की बात आपको बताते हैं जो भले ही खुद इस दुनिया से चला गया। लेकिन जाते-जाते तीन ज़िंदगियां रोशन कर गया। जिससे अब उसका जीवन तीन ज़िंदगियों में धड़कता रहेगा। जी हां हम बात कर रहे हैं एमपी के शाजापुर जिले के शुजालपुर की। जहां नालमे परिवार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए 34 साल के अनुपम नालमे जो अब इस दुनिया में नहीं है उनके अंग दान किये हैं। फिर एक बार ग्रीन कॉरिडोर बनाकर इंदौर इस बात का गवाह बना है।
बता दें की अनुपम नालमे एक सामान्य ज़िंदगी जी रहे थे। वह अपने सिविल इंजीनियर ताऊजी अनिल नालमे और जुबीन नालमे के साथ अभियंता का कार्य करते थे। स्वभाव से मददगार अनुपम हमेशा दूसरों के लिए खड़े रहने वाले इंसान थे। लेकिन बीते 20 मार्च को आए एक गंभीर मस्तिष्क रक्तस्राव ने सब कुछ बदल दिया। उन्हें इंदौर के सीएचएल केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने हर संभव प्रयास किया। कई तरह की जांचों के बाद दो चरणों में मस्तिष्क मृत्यु प्रमाणन किया गया। यह वह लम्हा था जब उम्मीदें टूट चुकी थीं। लेकिन एक नई उम्मीद जन्म लेने वाली थी। बेटे के जाने का परिवार पर पहाड़ जैसा गम था। लेकिन फिर ठाना की क्यों न दूसरी ज़िंदगियों को रोशन किया जाए। और परिवार ने अंगदान का निर्णय लिया। अनुपम का लीवर सीएचएल केयर अस्पताल में भर्ती 44 साल की महिला को नया जीवन देगा। एक किडर्नी 34 साल की महिला को और दूसरी किडनी शैल्बी अस्पताल में भर्ती 39 साल के पुरुष को प्रत्यारोपित की जायेगी। इन अंगों को समय पर पहुंचाने इंदौर में 67वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इंदौर में हुई अंग दान की प्रक्रिया के बाद अस्पताल में अनुपम को राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। वहीं परिवार ने जो काम किया उसकी अब सराहना हो रही है।