बुलडोजर पर सियासी संग्राम! गौतम कॉम्प्लेक्स गिराने पर पूर्व सांसद का हमला बोले जंगलराज
मध्यप्रदेश के बालाघाट में गौतम कॉम्प्लेक्स पर चली बुलडोजर कार्रवाई अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। जर्जर घोषित किए गए इस कॉम्प्लेक्स को ढहाने के बाद सियासत गरमा गई है। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने प्रशासन की इस कार्रवाई को प्रशासनिक तानाशाही करार देते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं। घटनास्थल का दौरा करने के बाद कंकर मुंजारे ने कहा कि इस कार्रवाई ने कई दुकानदारों को मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़ दिया है। उन्होंने दावा किया कि एक दुकानदार की बुजुर्ग मां इस घटना के बाद सदमे में आ गईं और मानसिक संतुलन तक खो बैठीं। मुंजारे ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई और बिना पर्याप्त समय दिए दुकानों को गिरा दिया गया।
पूर्व सांसद ने इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने बालाघाट की सांसद और अन्य अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इस कार्रवाई के पीछे भू-माफिया नेक्सस की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि जनचर्चा है कि इस बहुमूल्य संपत्ति को कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा खरीदा गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सबसे बड़ा सवाल यह उठाया जा रहा है कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन था, तो छुट्टी के दिन इतनी जल्दबाजी में कार्रवाई क्यों की गई? मुंजारे ने आरोप लगाया कि जानबूझकर ऐसा समय चुना गया, ताकि प्रभावित लोग कानूनी मदद न ले सकें।
दुकानदारों का कहना है कि उन्हें अपना सामान निकालने तक का पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जिससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। कई प्रतिष्ठानों के एग्रीमेंट अभी बाकी थे, लेकिन उन्हें समय से पहले ही बेदखल कर दिया गया। मुंजारे ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन शहर में इस कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो गई है।