भूतों के मेले में मुक्ति की आस लिए पहुंचे हजारों भक्त, भूतड़ी अमावस्या पर उमड़ा आस्था का सैलाब
मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में भूतड़ी अमावस्या के अवसर पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। शिप्रा नदी के घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है, जहां लोग पितरों की शांति और बुरी शक्तियों से मुक्ति की कामना कर रहे हैं। जहां भूतड़ी अमावस्या के मौके पर रामघाट और केडी पैलेस क्षेत्र में सुबह से ही भक्तों का सैलाब नजर आ रहा है। मान्यता है कि इस दिन शिप्रा नदी में स्नान करने से पितरों को मोक्ष और जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है। केडी पैलेस स्थित 52 कुंड में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं। मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे हैं। मान्यता है कि इन कुंडों में स्नान करने से प्रेत बाधा और नकारात्मक शक्तियों से छुटकारा मिलता है। इस दौरान कई श्रद्धालु हाथों में तलवार, लोहे की चेन और अन्य वस्तुएं लेकर अपने शरीर को चोट पहुंचाते हुए नजर आए, जो आस्था और लोक परंपरा का हिस्सा माना जाता है। पूरे क्षेत्र का माहौल किसी ‘भूतों के मेले’ जैसा दिखाई दे रहा है।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और गहरे पानी में जाने से लगातार मना किया जा रहा है। पार्किंग और यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी गई है। पंडितों के अनुसार, सिद्धवट घाट और रामघाट पर पितरों का तर्पण विशेष फलदायी माना जाता है। धार्मिक ग्रंथ स्कन्द पुराण में भी इस दिन का विशेष महत्व बताया गया है। आस्था, परंपरा और विश्वास का यह संगम उज्जैन को एक बार फिर खास बना रहा है… जहां हर डुबकी के साथ लोग मुक्ति की उम्मीद लेकर लौट रहे हैं।