गैस संकट से जिला अस्पताल बेहाल, चूल्हे पर बन रहा मरीजों का खाना, सिस्टम पर उठे बड़े सवाल
एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां जिला अस्पताल में गैस संकट के चलते मरीजों के लिए खाना चूल्हे पर बनाया जा रहा है। यह हालात न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि सिस्टम की तैयारियों की पोल भी खोलते हैं। यह मामला मध्यप्रदेश के सतना के सरदार वल्लभभाई पटेल जिला अस्पताल का है। यहां गैस सिलेंडरों की भारी कमी के चलते अस्पताल की रसोई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में भर्ती मरीजों के लिए भोजन तैयार किया जाता है, जो सामान्य रूप से कमर्शियल गैस सिलेंडरों के जरिए बनता है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से गैस की सप्लाई बाधित होने के कारण रसोई में सिलेंडर खत्म हो गए हैं।
ऐसे में अस्पताल कर्मचारियों को मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे का सहारा लेना पड़ा है। रसोई में अस्थायी चूल्हे बनाकर मरीजों के लिए खाना तैयार किया जा रहा है। हालांकि इस प्रक्रिया में काफी समय लग रहा है, जिससे मरीजों को समय पर भोजन नहीं मिल पा रहा। बताया जा रहा है कि गैस की यह किल्लत सिर्फ स्थानीय स्तर की समस्या नहीं है, बल्कि इसका असर अंतरराष्ट्रीय हालात से भी जुड़ा है। ईरान-इजरायल युद्ध के चलते ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर अब भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है।
अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने भोजन मिलने में देरी को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि पहले जहां समय पर खाना मिल जाता था, वहीं अब घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले ने अस्पताल प्रबंधन और आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग और मरीज प्रशासन से जल्द गैस सप्लाई बहाल करने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, जिम्मेदार अधिकारी व्यवस्था सुधारने की बात कह रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि अगर अस्पतालों में ही ऐसी स्थिति बन जाए, तो मरीजों का भरोसा सिस्टम पर कैसे कायम रहेगा?