गैस संकट ! रसोई फिर लौटी चूल्हे पर, सिलेंडर के लिए भटक रहे लोग और फिर
घरेलू गैस सिलेंडर की भारी किल्लत ने आम लोगों की रसोई पर संकट खड़ा कर दिया है। हालत यह है कि कई घरों में गैस खत्म हो चुकी है और अब लोग मजबूरी में फिर से लकड़ी के चूल्हों का सहारा लेने लगे हैं। यह मामला मध्यप्रदेश के दतिया जिले का है, जहां घरेलू गैस सिलेंडर की कमी से हजारों उपभोक्ता परेशान हैं। कई लोगों की गैस बुकिंग कई दिनों से लंबित है और समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
जमीनी हकीकत जानने के लिए जब मीडिया टीम ने शहर और आसपास के इलाकों का दौरा किया, तो गैस संकट की तस्वीर साफ नजर आई। ग्वालियर-झांसी नेशनल हाईवे के पास एक महिला सड़क किनारे सूखी लकड़ियां इकट्ठा करती दिखाई दीं। महिला ने बताया कि पहले घर में खाना गैस सिलेंडर पर ही बनता था, लेकिन पिछले कई दिनों से सिलेंडर नहीं मिल रहा है। ऐसे में बच्चों के लिए खाना बनाने के लिए उन्हें जंगल और खेतों के किनारे से लकड़ियां लानी पड़ रही हैं।
इधर लरायटा गांव स्थित गैस एजेंसी के गोदाम पर भी लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई उपभोक्ता सीधे गोदाम पहुंचकर सिलेंडर लेने की कोशिश करते नजर आए। एक उपभोक्ता ने बताया कि उसे करीब 992 रुपये में सिलेंडर मिला, लेकिन बुकिंग के बाद करीब 20 से 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक जिले में घरेलू गैस उपभोक्ताओं की संख्या करीब 1.60 लाख के आसपास है, जबकि उपलब्ध सिलेंडरों का स्टॉक सीमित बताया जा रहा है। इसी वजह से मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है।
गैस की कमी का असर बाजार में भी देखने को मिल रहा है। कुछ छोटे होटल और दुकानदार घरेलू सिलेंडर का उपयोग कर रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए संकट और बढ़ गया है। फिलहाल प्रशासन और गैस एजेंसियों की ओर से आपूर्ति सामान्य करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जब तक स्थिति नहीं सुधरती, तब तक दतिया के कई घरों की रसोई में चूल्हे की आग ही जलती नजर आएगी।