दूषित पानी से जा-न गंवाने वालों का प्रयागराज में अस्थि विसर्जन, कांग्रेस उठा रही खर्चा
साल 2025 जाते-जाते एक गहरा और दुखद दर्द देकर गया। एमपी के इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से करीब 37 लोगों की जानें चली गयी। मामले में जमकर राजनीति भी हुई। वहीं अब दूषित पानी से 37 लोगों की जान जाने के मामले में 74 दिन बाद कांग्रेस सेवादल ने मृतकों के अस्थि कलश विसर्जन और तर्पण का कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमें करीब 25 परिवारों के साथ सेवादल के कार्यकर्ता प्रयागराज रवाना हुए। श्रद्धांजलि देने के लिए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दुख जताते हुए घटना के लिए इंदौर नगर निगम, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, क्षेत्र के विधायक और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को जिम्मेदार बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए साथ ही सरकार की ओर से पीड़ितों की मदद ना किए जाने का आरोप भी लगाया।
दरअसल इंदौर में 28 और 29 दिसंबर की रात अचानक से उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीज सामने आने लगे थे। जनवरी तक एक के बाद एक 37 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। इस मुद्दे पर जमकर राजनीति हुई। कांग्रेस द्वारा क्षेत्र में भेजे गए प्रतिनिधि मंडल को काले झंडे दिखाए गए, चप्पल फेंकी गई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की इस विधानसभा में कांग्रेस के लोकसभा नेता विपक्ष राहुल गांधी भी पहुंचे थे। करीब 25 पीड़ित परिवारों को प्रदेश कांग्रेस की तरफ से एक लाख और नेता प्रतिपक्ष को तरफ से पचास हजार रूपये दिए थे। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने दो लाख का मुआवजा दिया था। घटना के 74 दिन बाद शहर कांग्रेस सेवादल द्वारा मृत परिजनों के अस्थि कलश विसर्जन और तर्पण प्रयागराज में आयोजित किए जाने का कार्यक्रम रखा गया। जहां सभी पीड़ितों के परिजनों को ट्रेन से प्रयागराज ले जाकर पूजन और तर्पण किए जाने से पहले भागीरथपुरा में ही कलश पूजन कार्यक्रम रखा गया। जिसमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, शहर और जिला कांग्रेस अध्यक्षों समेत प्रदेश सेवादल संयोजक अवनीश भार्गव के अलावा कई महिला नेत्रियां और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान आचार्यों और पंडितों के निर्देशन में पूजन अर्चन कर सभी परिजनों को बस के माध्यम से रेलवे स्टेशन ले जाया गया।