गैस संकट पर सियासत तेज, जीतू पटवारी बोले केंद्र सरकार जिम्मेदार, पेट्रोल-डीजल संकट की भी आशंका
मध्यप्रदेश में रसोई गैस सिलेंडर की कमी को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि प्रदेश में बढ़ते गैस संकट के लिए केंद्र सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। साथ ही उन्होंने आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कमी की भी आशंका जताई है। कांग्रेस का कहना है कि मध्यप्रदेश के कई जिलों में रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घरेलू गैस की किल्लत के चलते लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, वहीं बाजार में कालाबाजारी की भी शिकायतें सामने आने लगी हैं।
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि देश में बन रहे हालात और केंद्र सरकार की नीतियों के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। उनका आरोप है कि केंद्र की विदेश नीति और सप्लाई मैनेजमेंट में खामियों की वजह से गैस और ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इस स्थिति को नहीं संभाला गया तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कमी भी देखने को मिल सकती है, जिससे आम लोगों की परेशानियां और बढ़ जाएंगी।
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर प्रदेशभर में निगरानी रखने का फैसला किया है। पार्टी का कहना है कि ब्लॉक स्तर पर टीमें बनाई जाएंगी, जो गैस और ईंधन की उपलब्धता पर नजर रखेंगी और आम जनता को हो रही परेशानियों को सामने लाएंगी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मौजूदा स्थिति में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी बढ़ने की आशंका है, इसलिए सरकार को तुरंत कदम उठाकर गैस और ईंधन की आपूर्ति सुचारू करनी चाहिए। वहीं कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मांग की है कि गैस और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने लाई जाए और ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे आम लोगों को राहत मिल सके। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और गैस संकट को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।