32 परिवारों को घर खाली करने का नोटिस, ग्रामीणों ने सरपंच के घर का किया घेराव
मध्यप्रदेश के रीवा जिले के दुआरी गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब तालाब के पास बने घरों को खाली कराने के लिए प्रशासन द्वारा नोटिस जारी कर दिए गए। नोटिस मिलते ही यहां रहने वाले 32 परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है। इस फैसले से नाराज ग्रामीणों ने सरपंच के घर का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार रीवा जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत दुआरी में तालाब के किनारे करीब 50 वर्षों से कई परिवार निवास कर रहे हैं। लेकिन हाल ही में प्रशासन ने इन घरों को हटाने के लिए नोटिस जारी कर दिए, जिसके बाद गांव में हड़कंप की स्थिति बन गई।
नोटिस मिलने के बाद डरे और परेशान ग्रामीण एकजुट होकर सरपंच के घर पहुंच गए और उनका घेराव कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि उनके पूर्वजों से लेकर अब तक वे लोग करीब पांच दशक से यहां रह रहे हैं, लेकिन बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के घर खाली करने का आदेश दे दिया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनके घर तोड़ दिए गए तो वे अपने परिवार के साथ कहां जाएंगे। उनका कहना है कि अगर प्रशासन उन्हें रहने के लिए दूसरी जगह उपलब्ध करा दे, तो वे खुद ही अपने मकान खाली कर देंगे। ग्रामीणों ने वर्तमान सरपंच पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सरपंच इस मामले में कोई सुनवाई नहीं कर रहे और सरकारी काम का हवाला देकर जिम्मेदारी से बच रहे हैं।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इस समय बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। वहीं कई परिवारों में शादी-विवाह के कार्यक्रम भी तय थे, लेकिन अब घर खाली करने के नोटिस से पूरे गांव में चिंता और डर का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पहले उन्हें विस्थापन के लिए उचित व्यवस्था दी जाए और उसके बाद ही मकान हटाने की कार्रवाई की जाए। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं।