मोहन यादव कैबिनेट के बड़े फैसले, गेहूं पर बोनस, युवाओं के लिए यंग इंटर्न योजना और किसानों को राहत
एमपी के भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्री परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के गान के साथ हुई, जिसके बाद प्रदेश से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट बैठक में किसानों, युवाओं और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने गेहूं उपार्जन को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी 2585 रुपये प्रति क्विंटल के साथ 40 रुपये का बोनस जोड़ने का निर्णय लिया है। यानी अब मध्यप्रदेश में किसानों से गेहूं की खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से की जाएगी। इसके अलावा उड़द पर भी 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला किया गया है।
कैबिनेट में स्थानीय और अंचलिक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष योजना को मंजूरी दी गई है, ताकि प्रदेश के क्षेत्रीय उत्पादों को बाजार में बेहतर पहचान मिल सके और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। बैठक में युवाओं को प्रशासन और सुशासन से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम लॉन्च करने का भी फैसला लिया गया है। इस योजना के तहत मध्यप्रदेश के हर ब्लॉक से 15 युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवाओं को एक वर्ष के लिए इंटर्न के रूप में अनुबंधित किया जाएगा और यह योजना तीन वर्षों तक संचालित होगी।
इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश में करीब 4860 युवा इंटर्न के रूप में कार्य करेंगे, जो सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी, आंकड़ों का डिजिटलीकरण और फीडबैक देने का काम करेंगे। युवाओं का चयन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा स्वामित्व योजना के तहत 46 लाख परिवारों को राहत देने का फैसला भी लिया गया है। जिनके पास संपत्ति के स्वामित्व दस्तावेज नहीं हैं, उनकी रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क माफ किया जाएगा। इस निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग 3000 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा। वहीं पचमढ़ी को जर्मनी द्वारा ग्रीन डेस्टिनेशन के रूप में प्रमाणित किया जाना भी प्रदेश के पर्यटन के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।