Sagar- सतरंगी अबीर गुलाल से खिला बिहारी जी मंदिर, कृष्ण भजनो पर झूमी महिलाएं | SAGAR TV NEWS |
सागर शहर में रंगपंचमी पर आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रीदेव बिहारी जी मंदिर में भगवान और भक्तों के बीच प्रेम की पिचकारी चली, भजनों की गूंज, अबीर-गुलाल के बादल और प्रसादी के वितरण के साथ मंदिरों में चल रहे पांच दिवसीय फागोत्सव का भव्य समापन हुआ। पूरा शहर राधे-राधे के जयघोष और भक्ति के सतरंगी रंगों में डूबा नजर आया
दरअसल सागर में मिनी वृंदावन कहलाए जाने वाले इस इलाके में श्री देव अटल बिहारी जी 300 वर्ष पुराना मंदिर है. श्रीकृष्ण के इस मंदिर में होली के मौके पर विशेष रूप से तैयारी की जाती है. होली के दिन जहां सिर्फ पुरुष वहीं रंग पंचमी के दिन सिर्फ महिलाएं कान्हा संग होली खेलती हैं. रंग पंचमी पर केवल महिलाओं के रंग गुलाल खेलने के पीछे भी एक कहानी बताई जाती है. कहा जाता है कि सालों पहले महिलाओं के द्वारा ही मंदिर के पुजारी से मांग की गई थी कि पुरुषों के लिए तो भगवान के दरबार होली पर सभी जगह खुले रहते हैं. इस मंदिर में भी लोग आते हैं, महिलाएं भी आती हैं. लेकिन पुरुषों के सामने मर्यादा में रहने की वजह से महिलाएं होली नहीं खेल पाती हैं, इसलिए कोई उपाय किया जाए, ताकि महिलाएं अपने ठाकुर जी को रंग गुलाल लगा पाएं और वे भी यहां पर कुछ समय दे सकें. इसके बाद पंडितों और बुजुर्गों ने निर्णय लिया कि रंग पंचमी के दिन इस मंदिर में केवल महिलाएं ही आएंगी, जो अपने आराध्य भगवान श्रीकृष्ण के साथ जब तक चाहें तब तक होली खेल सकती हैं. इसके बाद से यह परंपरा शुरू हो गई और अब महिलाएं रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण के साथ होली खेलती हैं