सिंहस्थ 2028 की तैयारी में उज्जैन की अनोखी मिसाल, मुस्लिम परिवारों ने खुद तोड़े घर के हिस्से,
धार्मिक नगरी उज्जैन इन दिनों सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर चर्चा में है, लेकिन इस बार चर्चा सिर्फ विकास कार्यों की नहीं बल्कि लोगों के अनोखे सहयोग की भी हो रही है। यहां सड़क चौड़ीकरण के काम में स्थानीय निवासियों ने जिस तरह से प्रशासन का साथ दिया है, वह पूरे देश के लिए एक मिसाल बनता जा रहा है।
दरअसल 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले को देखते हुए उज्जैन प्रशासन शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में जुटा हुआ है। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए मुख्य सड़कों और खासकर महाकालेश्वर मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों को चौड़ा किया जा रहा है। कई संकरी गलियों को 80 से 100 फीट तक चौड़ा करने की योजना पर काम तेज़ी से चल रहा है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
आमतौर पर सड़क चौड़ीकरण या अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में लोगों का विरोध देखने को मिलता है, लेकिन उज्जैन में इसके उलट तस्वीर सामने आई है। शहर के कई इलाकों, खासकर मुस्लिम बहुल बस्तियों में परिवारों ने प्रशासन से चर्चा के बाद अपने घरों और दुकानों के 10 से 20 फीट हिस्से खुद ही तोड़ दिए।
सबसे खास बात यह रही कि लोगों ने बुलडोजर का इंतजार करने के बजाय खुद ही हथौड़ा उठाकर अपने घरों के हिस्से हटाए और विकास कार्य में सहयोग दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह छोटा सा त्याग है।
उज्जैन के निवासियों का यह कदम केवल विकास को गति नहीं दे रहा, बल्कि सामाजिक सौहार्द और हिंदू-मुस्लिम एकता की भी एक शानदार मिसाल पेश कर रहा है। इस पहल की सोशल मीडिया पर भी जमकर सराहना हो रही है और लोग इसे देश के अन्य शहरों के लिए प्रेरणादायक बता रहे हैं।
कुल मिलाकर सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन ने यह दिखा दिया है कि जब विकास और आस्था के लिए समाज एकजुट होता है, तो बदलाव की राह खुद आसान हो जाती है।