अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का मोर्चा, विरोध करने पर मारपीट, एसपी से की कार्रवाई की मांग
मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में अवैध शराब के खिलाफ आवाज उठाना महिलाओं को भारी पड़ गया। विरोध करने पहुंचीं ग्रामीण महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद नाराज महिलाएं स्थानीय विधायक के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। यह मामला ठीकरी तहसील के ग्राम पिपरीडेब का है। यहां की महिलाओं का कहना है कि गांव में लंबे समय से अवैध शराब बनाई और बेची जा रही है। कई बार शिकायत के बावजूद इस पर रोक नहीं लग पाई। जब महिलाओं ने खुद आगे आकर इस अवैध कारोबार का विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट कर दी।
महिलाओं के अनुसार ग्राम पंचायत पिपरीडेब और रणगांवडेब की ग्राम सभा में पहले ही सर्वसम्मति से शराबबंदी का फैसला लिया गया था। पंचायत में यह भी तय किया गया था कि अगर गांव में कोई व्यक्ति शराब बनाते या बेचते हुए पाया गया, तो उस पर 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। बताया जा रहा है कि 5 मार्च 2026 को जब महिलाएं गांव में चल रही अवैध शराब की भट्टी का विरोध करने पहुंचीं, तभी कुछ लोगों ने मिलकर उन पर हमला कर दिया। महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे ग्रामीणों के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की।
घटना में बलिराम मुजाल्दे नामक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महिलाओं का आरोप है कि गांव में अवैध शराब का कारोबार करने वाले लोग प्रभावशाली और आदतन अपराधी हैं, जो विरोध करने वालों को लगातार धमका रहे हैं। इस पूरे मामले में क्षेत्रीय विधायक राजन मंडलोई भी महिलाओं के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि गांव में अवैध शराब का कारोबार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रशासन को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ल ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं का आवेदन मिल गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित थाना पुलिस को जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं। अब सभी की नजर पुलिस कार्रवाई पर टिकी हुई है।