Sagar -महिला दिवस पर जागरूकता का बड़ा संदेश, आईएमए ने महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण पर किया कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सागर में महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानी Indian Medical Association की सागर शाखा और गर्ल्स डिग्री कॉलेज सागर के संयुक्त तत्वावधान में कॉलेज परिसर में संगोष्ठी और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया।
हर साल International Womens Day के रूप में 8 मार्च को दुनिया भर में महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी कड़ी में सागर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवतियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद डॉक्टर तल्हा साद ने किशोरियों में बढ़ती पोषण की कमी और एनीमिया की समस्या पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत में करीब 50 से 60 प्रतिशत किशोरियां एनीमिया से प्रभावित हैं, जिससे थकान, कमजोरी और पढ़ाई में बाधा जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
डॉ. साद ने छात्राओं को संतुलित आहार अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, गुड़, फल और विटामिन-सी युक्त भोजन को रोजमर्रा के आहार में शामिल करना बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने सरकार के एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत आयरन और फोलिक एसिड की गोलियों के नियमित सेवन की भी सलाह दी।
इस दौरान उन्होंने मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं, स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों पर भी चर्चा की। छात्राओं को बताया गया कि मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए और सेनेटरी पैड को हर 4 से 6 घंटे में बदलना जरूरी है।
कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य पर भी जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि आजकल युवाओं में पढ़ाई का दबाव, सोशल मीडिया और सामाजिक चुनौतियों के कारण तनाव और अवसाद जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में परिवार, शिक्षक और समाज की सकारात्मक भूमिका बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद तिवारी, डॉ. प्रहलाद सिंह सहित अन्य शिक्षकों और बड़ी संख्या में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही। आयोजन का उद्देश्य छात्राओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्मविश्वास के प्रति जागरूक बनाना था।