26 साल बाद टूटेगी परंपरा, इस बार नहीं होगा बजरबट्टू सम्मेलन, दूषित पानी कांड के बाद फैसला
एमपी के इंदौर की सांस्कृतिक पहचान बन चुका ‘बजरबट्टू सम्मेलन’ इस साल आयोजित नहीं होगा। पिछले 26 वर्षों से लगातार होने वाला यह हास्य कवि सम्मेलन इस बार रद्द कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बना ली है, जिसके चलते आयोजकों ने भी सम्मेलन नहीं करने का फैसला लिया है। दरअसल इंदौर के मल्हारगंज क्षेत्र में रंगपंचमी की पूर्व संध्या पर हर साल ‘बजरबट्टू सम्मेलन’ का आयोजन किया जाता था। यह कार्यक्रम शहर की सांस्कृतिक और हास्य परंपरा का अहम हिस्सा बन चुका था।
इस सम्मेलन की शुरुआत साल 1999 में हुई थी। पहले यहां ‘हिंद मालवा गेर’ के साथ रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे। उसी दौरान होली और रंगपंचमी के मौके पर एक हास्य कवि सम्मेलन शुरू करने का विचार आया, जिसका नाम ‘बजरबट्टू सम्मेलन’ रखा गया। नाम ऐसा रखा गया कि सुनते ही लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ जाए। हर साल इस मंच पर देशभर के प्रसिद्ध हास्य कवि अपनी प्रस्तुति देते थे और हजारों की संख्या में लोग इस कार्यक्रम का आनंद लेने पहुंचते थे। लेकिन इस आयोजन की सबसे बड़ी पहचान रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता और वर्तमान केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय।
विजयवर्गीय हर साल अलग-अलग वेशभूषा में मंच पर पहुंचकर लोगों का मनोरंजन करते थे। कभी वे ‘चाचा चौधरी’ बनकर आते, तो कभी तांत्रिक या महात्मा के रूप में नजर आते। उनके इस अनोखे अंदाज को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटते थे। हालांकि हाल ही में भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण 37 लोगों की मौत के बाद पूरे शहर में शोक का माहौल है। इसी के चलते मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सभी सार्वजनिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दूरी बनाने का फैसला लिया है। शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, कलेक्टर, कमिश्नर और पुलिस प्रशासन ने भी सार्वजनिक होली कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है। इसी निर्णय के बाद आयोजकों ने भी इस वर्ष ‘बजरबट्टू सम्मेलन’ नहीं करने का फैसला लिया है। ऐसे में मल्हारगंज की वह हास्य महफिल, जो हर साल रंगपंचमी से पहले हंसी और ठहाकों से गूंजती थी, इस बार शांत रहेगी।