Sagar -घर छोड़कर की तैयारी, 4 साल किया इंतजार… आखिर बन गए असिस्टेंट प्रोफेसर! | SAGAR TV NEWS |
कहते हैं कि सच्ची मेहनत और धैर्य कभी बेकार नहीं जाते। सागर जिले के रहली निवासी सिद्धार्थ दुबे की कहानी इसी बात का जीता-जागता उदाहरण है। सीमित संसाधनों और लंबे इंतजार के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया और आखिरकार सफलता हासिल कर ही ली।
रहली के वार्ड 15 पटना ककरी निवासी प्रतिष्ठित दुबे परिवार के होनहार बेटे सिद्धार्थ दुबे ने एमपीपीएससी 2022 की परीक्षा अपने पहले ही प्रयास में पास कर असिस्टेंट प्रोफेसर (लाइब्रेरियन) के पद पर चयनित होकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
सिद्धार्थ बताते हैं कि इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। तैयारी के दौरान उन्होंने खुद को पूरी तरह पढ़ाई में समर्पित कर दिया। सोशल मीडिया से दूरी बना ली, दोस्तों के साथ समय बिताने के बजाय किताबों को अपना साथी बना लिया। दिन-रात की मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही उनकी ताकत बने।
परीक्षा देने के बाद भी असली परीक्षा खत्म नहीं हुई थी। परिणाम आने में पूरे चार साल लग गए। यह इंतजार किसी भी अभ्यर्थी के लिए कठिन होता है, लेकिन सिद्धार्थ ने धैर्य नहीं खोया और अपने विश्वास को कायम रखा।
आज उनकी सफलता से पूर्व पटवारी नरेश दुबे के घर बधाई देने वालों का तांता लगा है। सिद्धार्थ अपनी इस उपलब्धि का श्रेय ईश्वर की कृपा, माता-पिता के आशीर्वाद, परिवार के सहयोग और गुरुओं के मार्गदर्शन को देते हैं।