Sagar- बीना में बरसाना की झलक, ग्वालटोली में खेली गई लट्ठमार होली, महिलाओं ने बरसाए लट्ठ
होली का त्योहार पूरे देश में अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाया जाता है, लेकिन सागर जिले के बीना में होली की एक ऐसी परंपरा है जो हर साल लोगों के लिए खास आकर्षण बनती है। बीना के सुभाष वार्ड स्थित ग्वालटोली में ग्वाल समाज द्वारा पारंपरिक लट्ठमार होली का भव्य आयोजन किया गया। देर रात तक चले इस आयोजन को देखने के लिए शहर ही नहीं बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
मथुरा के बरसाना में खेली जाने वाली प्रसिद्ध लट्ठमार होली की तर्ज पर बीना के सुभाष वार्ड की ग्वालटोली में भी वर्षों से यह परंपरा निभाई जा रही है। इस खास होली में महिलाएं पुरुषों को लट्ठ से मारती हैं, जबकि पुरुष तौलिया या अन्य वस्तुओं से अपना बचाव करते नजर आते हैं।
जैसे ही कार्यक्रम शुरू होता है, माहौल फाग गीतों और ढोलक की थाप से गूंज उठता है। रंग-गुलाल के बीच महिलाएं हंसी-मजाक के माहौल में पुरुषों पर लाठियां बरसाती हैं और पुरुष खुद को बचाने की कोशिश करते हैं।
इस अनोखी होली को देखने के लिए सैकड़ों लोग ग्वालटोली पहुंचते हैं। यहां के लोगों का कहना है कि यह परंपरा सालों से चली आ रही है और इसका सभी को पूरे साल इंतजार रहता है।
लट्ठमार होली के दौरान रिश्तों की मिठास भी देखने को मिलती है। समधन-समधी, सरहज-नंदोई, साली-जीजा और भाभी-देवर जैसे रिश्तों के बीच हंसी-ठिठोली के साथ लट्ठमार होली खेली जाती है। कई बार बचाव करते हुए पुरुषों को हल्की चोट भी लग जाती है, लेकिन इसके बावजूद उनका उत्साह कम नहीं होता और वे फिर से होली के रंग में शामिल हो जाते हैं।
आयोजकों का कहना है कि यह परंपरा भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी मानी जाती है और समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और खुशियों का संदेश देती है।