Dominos पर ठोका 8 लाख का जुर्माना, उपभोक्ता आयोग ने वेज की जगह नॉनवेज पिज्जा! देने पर
मध्य प्रदेश के सतना से उपभोक्ता अधिकारों को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। सतना जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने शाकाहारी परिवार को मांसाहारी पिज्जा परोसने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए डोमिनोज पिज्जा (जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड) पर 8 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है। साथ ही 10 हजार रुपये वाद-व्यय और 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ एक माह के भीतर भुगतान का आदेश दिया गया है। यह मामला 31 अक्टूबर 2024, दीपावली के दिन का है। रीवा रोड स्थित डोमिनोज आउटलेट से नैन्सी तिवारी और उनके पति सूरज तिवारी ने पूर्णतः शाकाहारी भोजन का ऑनलाइन ऑर्डर दिया था। परिवार धार्मिक मान्यताओं के कारण आजीवन शाकाहारी है। आरोप है कि गार्लिक पिज्जा के नाम पर पेपरोनी (सूअर के मांस) युक्त पिज्जा भेज दिया गया, जिसे परिवार ने अनजाने में खा लिया।
बाद में जांच रिपोर्ट में संबंधित खाद्य पदार्थ के मांसाहारी होने की पुष्टि हुई। आयोग ने माना कि यह गंभीर लापरवाही है, जिससे उपभोक्ताओं की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची। 16 माह तक चली सुनवाई के बाद आयोग के अध्यक्ष एस.सी. उपाध्याय और सदस्य उमेश गिरि व विद्या पांडेय की पीठ ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया। आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि जहां शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार का भोजन तैयार होता है, वहां अलग रसोई, अलग कर्मचारी और पृथक ऑर्डर प्रणाली अनिवार्य होनी चाहिए।
अन्यथा ऐसी चूक उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन मानी जाएगी। इस फैसले ने साफ कर दिया है कि खाद्य व्यवसाय में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब यदि तय समय सीमा में भुगतान नहीं हुआ तो कंपनी के खिलाफ विधिक कार्यवाही की जाएगी। यह निर्णय उपभोक्ता अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है।