एक्शन मोड में कलेक्टर, लापरवाही पर वेतन काटा, 8 बीएमओ समेत कई अधिकारियों को नोटिस
मध्य प्रदेश के बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर मृणाल मीणा ने टारगेट से कम प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक के दौरान एएनसी पंजीयन, एएनसी-4 जांच, हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और आयरन सुक्रोज वितरण जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों की समीक्षा की गई। लक्ष्य से कम उपलब्धि पाए जाने पर बैहर, परसवाड़ा, बिरसा, कटंगी, लालबर्रा, लामता, लांजी, किरनापुर और खैरलांजी के बीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने साफ कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तय समय में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने को कहा। सिर्फ नोटिस ही नहीं, बल्कि वेतन पर भी कैंची चली। बैहर, बिरसा, कटंगी, लालबर्रा, लांजी, खैरलांजी, लामता, परसवाड़ा और किरनापुर के बीपीएम का एक-एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही खैरलांजी, बैहर, परसवाड़ा, लालबर्रा, लांजी, किरनापुर और लामता के बीसीएम के वेतन से भी एक दिन की कटौती के आदेश जारी किए गए।
कलेक्टर मृणाल मीणा ने स्पष्ट संदेश दिया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विभाग में लापरवाही से सीधे आम जनता प्रभावित होती है, इसलिए जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आगामी समीक्षा से पहले सभी लंबित कार्यों को पूरा कर लक्ष्य हासिल करें। इस कार्रवाई को लेकर जिले में चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि प्रशासन की सख्ती से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की गति तेज होगी और जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।