सालों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे लोग,महज 1 दिन में हुए सारे काम
जो लोग सालों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। सालों से इस उम्मीद और इस आस में थे की आज उनका काम हो जायेगा। लेकिन किसी न किसी वजह से ऐसा नहीं हो पाया। लेकिन वही काम सिर्फ एक दिन में हो गया। जी हाँ ये सब संभव तब हुआ जब कलेक्टर से लेकर एसडीएम और तहसीलदार ने खुद लोगों की समस्याओं को सुना और तत्काल आदेश भी दिए। अधिकारीयों ने कोर्ट लगाकर राजस्व सम्बन्धी समस्याओं का निराकरण किया। और 212 प्रकरणों निपटारा किया गया। जो काम करीब 6 साल से लंबित थे वह सारे काम महज एक दिन में हो गए। यही नहीं तहसीलों में शिविर आयोजिते किये गए थे।
दरअसल टीकमगढ़ में कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में संकल्प से समाधान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें कलेक्टर ने प्रकरणों का तत्काल मौके पर ही निराकरण कराया। जो पिछले 5- 6 साल से भी ज्यादा पुराने मामले थे। जिनमें से एक ही दिन में शिविर लगाकर राजस्व के अभिलेख सुधार के 212 प्रकरणों का तत्काल मौके पर निराकरण कर आदेश दिया गया। शिविर में कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय, टीकमगढ़ एसडीएम संस्कृति मुदित लटौरिया, तहसीलदार सतेन्द्र सिंह गुजर्र ,आर.आई, पटवारी, राजस्व विभाग का स्टाफ मौजूद रहा।
शिविर में एक ही दिन में राजस्व के अभिलेख सुधार के 212 प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया गया। टीकमगढ़ कलेक्टर के मुताबिक पिछले दिनों मोहनगढ़, दिगौड़ा और लिधौरा तहसीलों में भी इसी प्रकार के विशेष राजस्व सुधार कैम्प आयोजित किए गए थे। मोहनगढ़ में 52 और दिगौड़ा में 77 साथ ही लिधौरा तहसील में 120 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस प्रकार अब तक मोहनगढ़, दिगोड़ा, लिधौरा और टीकमगढ़ तहसील में कुल 461 लंबित प्रकरणों का त्वरित समाधान किया जा चुका है। गौरतलब है की राजस्व अभिलेख सुधार संबंधी इन प्रकरणों के लंबित रहने का मुख्य कारण साल 2011-2014 के दौरान हुए राजस्व अभिलेखों के कंप्यूटरीकरण में हुई त्रुटियाँ थीं। जिनके कारण फौती, पोती, नामांतरण और गलत नाम लिखने से लोग रिकॉर्ड दुरुस्ती के लिए सालों से चक्कर काट रहे थे। वहीं जिन किसानों के रिकॉर्ड दुरुस्ती की गई उन्होंने टीकमगढ़ कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार का आभार व्यक्त किया।-