सागर में गुटखा-सिगरेट पर ओवररेट’ का खेल ? थोक बाजार में 30–40% ज्यादा वसूली के आरोप
मध्य प्रदेश के सागर में गुटखा और सिगरेट की कीमतों को लेकर बाजार में हलचल मची हुई है। केंद्र सरकार द्वारा 1 फरवरी 2026 से लागू नए टैक्स ढांचे के बाद शहर में प्रिंट रेट से 30 से 40 प्रतिशत अधिक वसूली के आरोप सामने आ रहे हैं। सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर भारत सरकार के नए प्रावधानों के तहत उत्पाद शुल्क और उपकर में बदलाव किया है। उद्देश्य राजस्व बढ़ाना और तंबाकू सेवन को हतोत्साहित करना बताया गया। लेकिन स्थानीय व्यापार जगत में इसे मुनाफे के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
शहर के पुरानी गल्ला मंडी, कटरा बाजार, नमकमंडी और मकरोनिया क्षेत्र में थोक व्यापारियों द्वारा पुराने स्टॉक पर ही बढ़ी हुई दरों से माल देने के आरोप हैं। सूत्रों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में संसद से संबंधित विधेयकों को मंजूरी मिलने के बाद कुछ बड़े स्टॉकिस्टों ने जनवरी की शुरुआत में भारी मात्रा में माल जमा कर लिया था। अब वही पुराना स्टॉक नए टैक्स का हवाला देकर महंगे दामों पर बेचा जा रहा है।
फुटकर दुकानदारों का कहना है कि उन्हें बढ़ी दरों पर माल मिल रहा है, इसलिए वे भी मजबूरी में ग्राहकों से अधिक कीमत वसूल रहे हैं। इससे ग्राहकों और दुकानदारों के बीच रोजाना तकरार की स्थिति बन रही है। कुछ दुकानदारों ने तो घाटे के डर से गुटखा और सिगरेट बेचना तक बंद कर दिया है। दुकानदारों का आरोप है कि उधार में माल देना बंद कर दिया गया है और नकद में भी ऊंची दरें ली जा रही हैं।
हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक औपचारिक शिकायत नहीं मिलने की बात कही जा रही है। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा है कि स्थिति की जानकारी ली जाएगी और जरूरत पड़ी तो कार्रवाई की जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या बाजार में वाकई कालाबाजारी हो रही है, या फिर नए टैक्स ढांचे की आड़ में कीमतों का खेल खेला जा रहा है? प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।