Sagar - हाय रे ये गंदगी, ये बदबू, अस्पताल के प्रसूता वार्ड में ये हाल, धन्य है...!
ये तस्वीरें दखिये, जिन्हे देखकर आपको लगेगा की ये कहीं सीवर या गंदगी वाली जगह है। लेकिन ऐसा नहीं है यह सागर जिले के एक सरकारी अस्पताल है और अस्पताल के प्रसूति गृह का यह आलम है। चारों तरफ गंदगी, जहाँ जाना तो दूर पैर रखना भी दूभर है। बाथरूम में ऐसी गंदगी की कोई अच्छा भला इंसान भी बीमार पड़ जाए। सिर्फ इतना ही नहीं यहां मरीज और उनके परिजनों के अलावा आने वाले लोग बदबू से भी परेशान हैं। और ये बदहाली तब है। जब प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री खुद सागर जिले के प्रभारी मंत्री हैं। जिस तरह से गंदगी फैली हुई है। उससे ये कहना गलत नहीं होगा की यहां संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
ये नज़ारा कहीं और नहीं बल्कि सागर के बीना में स्थित सिविल अस्पताल का है। जहां वात्सल्य प्रसूति गृह में साफ-सफाई की स्थिति चिंताजनक है। वार्ड के बाथरूम में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जिससे यहां भर्ती महिलाओं और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रसूति गृह जैसे अति संवेदनशील विभाग में इस तरह की लापरवाही संक्रमण का खतरा बढ़ा सकती है।
मरीजों के परिजनों का कहना है कि बाथरूम में इतनी गंदगी है। की उसका उपयोग करना भी मुश्किल हो गया है। फर्श पर गंदे कपड़े पड़े हैं। दुर्गंध के कारण वार्ड में बैठना तक कठिन हो रहा है। परिजनों का कहना है। की स्थिति देखकर ऐसा लगता है की मानो कई महीनों से नियमित साफ-सफाई नहीं हुई हो। बताया गया की यहां रात में पलंगों पर चूहे दौड़ते हैं। रात में सो पाना मुश्किल है। वार्ड में दिन में दो बार पोंछा लग चुका है।
लेकिन इसके बाद भी गंदगी लगी हुई है। परिजनों का कहना है कि उन्हें यदि बाथरूम भी खुले में जाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों को होती है। जिन्हें दूसरी मंजिल से नीचे आना पड़ता है। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात कुछ और ही तस्वीर बयां कर रहे हैं। सवाल यह उठता है कि यदि प्रसूति वार्ड जैसे महत्वपूर्ण विभाग में स्वच्छता की ऐसी स्थिति है। तो अन्य विभागों का हाल क्या होगा।------