Sagar -अचानक क्यों हो रही यात्री बसों की हड़ताल, ऑपरेटर्स ने क्यों खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा, जानिए
सागर जिले में आयोजित किए गए बस ऑनर्स सम्मेलन में बड़ा ऐलान किया गया है ठीक एक हफ्ते बाद 2 मार्च से यात्री बस ऑपरेटर हड़ताल पर चले जाएंगे बस ऑपरेटर यूनियन ने सरकार की नीति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और सरकार अगर अपनी नीति को वापस नहीं लेती है तो यात्री बसों की हड़ताल होना तय है लेकिन लोगों के मन में सवाल है कि आखिर अचानक से ऐसा क्या हो गया जिसकी वजह से यात्री बसों के पहिए थम जाएंगे और हजारों लाखों लोग प्रदेश भर में प्रभावित होंगे.
मप्र बस ऑनर्स एसोसिएशन के महामंत्री जय कुमार जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री सस्ते में बेहतर सफर उपलब्ध कराने की बात कर रहे हैं, लेकिन उनके पास खुद की कोई बस नहीं है। वह बस ऑपरेटर्स के सभी परमिट निरस्त करके कंपनियों को परमिट उपलब्ध कराएंगे। प्रदेश में ऐसी 7 कंपनियां बन भी चुकी हैं। कुल मिलाकर सरकार का उद्देश्य बस मालिकों को किराएदार बनाकर उनका शोषण करना है। इससे आम जनता को भी नुकसान है, क्योंकि किराए में वृद्धि होगी।
प्रदेश अध्यक्ष संतोष पांडे ने बताया सरकार अप्रैल 2026 से नई परिवहन नीति को लागू कर रही है जिसका नोटिफिकेशन 24 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था जिसके तहत में मोटर भी कलेक्ट में संशोधन करने जा रही है, इसके तहत लगभग दो दशक बाद परिवहन सेवा को फिर से सरकारी नियंत्रण में लाने की तैयारी है। सरकार का दावा है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच किफायती, सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। खासकर उन ग्रामीण रूटों पर जहां अभी निजी बसों की कमी है या कनेक्टिविटी खराब है। सरकार खुद बसें नहीं खरीदेगी, बल्कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर काम करेगी। बसें निजी ऑपरेटर्स की होंगी, लेकिन उनका नियंत्रण और निगरानी सरकार के पास होगी। बसों की ट्रैकिंग, ई-टिकटिंग और टाइम-टेबल के लिए एक मोबाइल एप और डैशबोर्ड बनाया जाएगा