गन्दी चैटिंग से ब्लैकमेल, वीडियो कॉल से जाल, ठगी ! डिजिटल अरेस्ट का पर्दाफाश, 20 आरोपी गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में पुलिस ने देशभर में “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर दहशत फैलाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस हाईटेक ठग गिरोह के 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि आरोपी महिलाओं के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर लोगों से अश्लील चैटिंग और वीडियो कॉल करते थे। कॉल और चैट की रिकॉर्डिंग कर ली जाती थी। इसके बाद आरोपी खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ितों को फोन करते और उन्हें बलात्कार या चाइल्ड पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी देते थे। “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर केस सेटलमेंट के नाम पर मोटी रकम ट्रांसफर करवा ली जाती थी।
जांच में सामने आया है कि गिरोह अब तक ढाई करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 कार, 1 बाइक, 29 मोबाइल, 16 एटीएम कार्ड, 7 बैंक पासबुक, 1 मकान की रजिस्ट्री और 1 लाख 20 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं। कुल जब्ती लगभग 1 करोड़ 7 लाख रुपये आंकी गई है। एक आरोपी ने ठगी के पैसों से आलीशान मकान तक बनवा लिया था। यह कार्रवाई “ऑपरेशन मेट्रिक्स” के तहत की गई, जिसमें ग्वालियर जोन के निर्देशन में जिले की 9 विशेष पुलिस टीमों ने संयुक्त दबिश दी। करैरा, भौंती, अमोला, सुरवाया, सतनबाड़ा, कोतवाली, पिछोर और कोलारस थाना पुलिस की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की।
पिछले एक सप्ताह में साइबर अपराध से जुड़े 4 एफआईआर दर्ज हुए हैं, जिनमें 32 आरोपी नामजद हैं। सभी के खिलाफ बीएनएस की धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66(C) व 66(D) के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। एसपी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान वीडियो कॉल या डिजिटल अरेस्ट की धमकी से न घबराएं और तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।