बसों के पहिए जाम! सख्ती पर ड्राइवरों का विरोध, ट्रैफिक पुलिस बोली- जान से खिलवाड़ नहीं SAGAR TV NEWS
मध्यप्रदेश में देवास से इंदौर के बीच चलने वाली उपनगरीय बसों के पहिए शुक्रवार को थम गए। अचानक बसों के बंद होने से सैकड़ों यात्री बीच रास्ते फंसे नजर आए। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, छात्र और रोजाना सफर करने वाले लोग परेशान दिखे। दरअसल, उपनगरीय बस ड्राइवरों ने ट्रैफिक पुलिस की सख्ती के विरोध में गाड़ियां खड़ी कर दीं। ड्राइवरों का कहना है कि उन पर तेज रफ्तार और अन्य धाराएं बढ़ाने की बात की जा रही है। उनका तर्क है कि इंदौर-देवास रूट पर जगह-जगह जाम लगता है और समय कम मिलता है, इसलिए कभी-कभी रफ्तार बढ़ानी पड़ती है। अब अगर सख्ती और बढ़ेगी तो वे बसें नहीं चलाएंगे।
करीब 80 ड्राइवरों ने सामूहिक रूप से बसें न चलाने की बात कही। इससे देवास बस स्टैंड पर यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं। कई लोग निजी वाहनों या अन्य साधनों की तलाश में भटकते रहे। वहीं ट्रैफिक टीआई पवन बागड़ी ने दावा किया कि सभी बसें पूरी तरह बंद नहीं हैं। उन्होंने साफ कहा कि लोगों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। नियमों के अनुसार ही बसें चलेंगी और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है।
उन्होंने यह भी बताया कि जो बसें पहले बाईपास से जा रही थीं, अब उन्हें शहर के अंदर बस स्टैंड से भेजा जा रहा है, ताकि यात्रियों को सुविधा मिल सके और निगरानी भी बेहतर हो। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है—क्या रफ्तार और समय के दबाव में सुरक्षा से समझौता किया जा सकता है? फिलहाल यात्रियों की नजर प्रशासन और ड्राइवरों के बीच बातचीत के नतीजे पर टिकी है।