सीएम ने माफी मांगी तो क्या हो गया, औकात में रहो वाले बयान पर विजयवर्गीय को कोई रंज नहीं !
अपने हालिया बयान से मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय फिर एक बार जबरदस्त चर्चाओं में आ गए हैं। नेता प्रतिपक्ष को उन्होंने औकात में रहने की हिदायत दे डाली। मामले में खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माफी मांगी, लेकिन सीएम के माफी मांगने के बाद भी संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को न कोई रंज है न कोई गम है। दरअसल, सदन में नेता प्रतिपक्ष को औकात में रहने की हिदायत देने के बाद उन्होंने फिर अजीबोगरीब बयान दिया। मीडिया द्वारा सवाल पूछा गया की आपकी तरफ से सीएम ने माफी मांगी है इस सवाल पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वह तो कप्तान है। माफी मांगी तो क्या हो गया। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा की कई बार हो जाता है, बहुत सामान्य सी बात है। जो वह कह रहे हैं तो उनका एक अपना अंदाज है। कभी-कभी गुस्सा आ जाता है। अब कैलाश विजयवर्गीय का यह बयान काफी वायरल हो रहा है।
दरअसल, एमपी बजट सत्र के चौथे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान अदाणी ग्रुप से जुड़े मुद्दे पर हंगामा हो गया। सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से तीखे लहजे में कहा की औकात में रहो, इस बयान के बाद हंगामा और भी तेज हो गया। विपक्ष ने इस्तीफे की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अफसोस जताया तो वहीं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने माफी भी मांगी।
लेकिन इस सब के बाद भी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का तेवर नहीं बदला। मीडिया ने जब उनसे पूछा कि ‘सीएम साहब ने माफी मांगी है आपकी तरफ से तो इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ‘कप्तान है वो तो, माफी मांगी तो क्या हो गया’। वहीं पत्रकारों ने यह भी पूछा कि ‘ऐसा नहीं लगता की जुबान पर एक-डेढ़ महीने से शनि बैठा हुआ है’ इस सवाल पर उन्होंने कहा कि ‘ये किसी ज्योतिषि से पूछूंगा।