अंधेरे का फायदा उठाकर लाखों की चोरी, नगदी समेत सोने के गहने उड़ा ले गए चोर
कॉलोनाइजर ने बिजली बिल नहीं भरा, बिजली विभाग ने कनेक्शन काट दिया। कॉलोनी में अंधेरा पसरा रहा। जिसका फायदा उठाकर चोरों ने एक मकान में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। जहां अज्ञात चोर देर रात एक सूने घर में पहुंचे जहां से 80 हजार रूपये नगद साथ ही सोने के कीमती गहने भी चोरी कर ले गए। घटना उज्जैन जिले के चिमनगंज थाना क्षेत्र के श्रीपुरम कॉलोनी से सामने आई है। जहां अंधेरे का फायदा उठाकर लाखों की चोरी की गयी। जिसके बाद कॉलोनाइजर की लापरवाही पर लोगों का जमकर गुस्सा फूटा।
उज्जैन के चिमनगंज थाना अंतर्गत ढांचा भवन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की भारी चूक देखने को मिली। जहां अज्ञात बदमाशों ने देर रात 2 से 3 बजे के बीच राजीव द्विवेदी के घर को निशाना बनाया और ताला तोड़कर घर में घुसे। जिसके बाद 80 हजार रुपये नगद और सोने के कीमती गहने चोरी कर ले गए। सूचना मिलते ही चिमनगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मौका मुआयना कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। वारदात के बाद पूरी कॉलोनी में दहशत का माहौल है। रहवासी अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।
उन्होंने इस घटना के पीछे सीधे तौर पर कॉलोनाइजर निर्मल सेठिया की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि कॉलोनी की स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी थीं। बार-बार शिकायत के बाद भी उन्हें चालू नहीं कराया गया। जिससे रात के समय वहां पसरे अंधेरे का फायदा चोरों को मिला। मिली जानकारी के मुताबिक स्ट्रीट लाइट का लगभग 48 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया होने से विद्युत विभाग ने कनेक्शन काट दिया था। सन्नाटा पसरा होने से बदमाशों को आसानी हुई। यही नहीं कॉलोनी में बिजली चोरी और पानी सप्लाई को लेकर भी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। नियमों के विपरीत एक ही ट्यूबवेल मशीन से क्षमता से ज्यादा 12 से 13 घरों में पानी की सप्लाई दी जा रही है। जिससे मोटर पर ज्यादा भार पड़ता है।
शॉर्ट-सर्किट का खतरा बना रहता है। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए निर्धारित ईडब्ल्यूएस मकानों को भी नियमों की अनदेखी कर ऊंचे दामों पर बेचने के गंभीर आरोप कॉलोनाइजर पर लग रहे हैं। रहवासियों ने चिमनगंज थाना पुलिस और जिला प्रशासन से मांग की है कि चोरी की इस घटना के साथ-साथ कॉलोनाइजर की तमाम लापरवाहियों की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि।