Sagar -बीना में 15 दिन से स्कूल बंद ! फिर भी “स्कूल चले हम” का नारा…
सरकारी विज्ञापनों में “स्कूल चले हम” का संदेश गूंज रहा है, लेकिन सागर जिले के बीना विकासखंड में हकीकत इससे बिल्कुल अलग तस्वीर दिखा रही है। संकुल भानगढ़ अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला आमखेड़ा पिछले करीब 15 दिनों से बंद पड़ी है। स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लटका है और यहां दर्ज 23 बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो चुकी है।
इतना ही नहीं, मध्यान भोजन योजना भी प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि जब शिक्षक ही नियमित रूप से स्कूल नहीं आएंगे तो बच्चों की पढ़ाई कैसे चलेगी? बच्चे रोज स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन गेट पर ताला देखकर बाहर ही खेलते रहते हैं और फिर निराश होकर घर लौट जाते हैं। 15 दिनों से न तो कक्षाएं लग रही हैं और न ही मिड-डे मील मिल पा रहा है।
विद्यालय में हेडमास्टर धनीराम अहिरवार और शिक्षिका शिखा राजपूत पदस्थ हैं। ग्रामीणों के अनुसार हेडमास्टर कई दिनों से स्कूल नहीं आ रहे। वहीं शिक्षिका की ड्यूटी SIR कार्य में लगाए जाने के कारण वे भी विद्यालय नहीं पहुंच पा रही हैं। ऐसे में स्कूल पूरी तरह शिक्षकविहीन हो गया है। स्थिति संभालने के लिए संकुल स्तर से दो अन्य शिक्षकों—जगभान चढ़ार और चंद्रेश—को अस्थायी रूप से अटैच किया गया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि वे भी नियमित रूप से स्कूल नहीं खोल पाए। परिणामस्वरूप बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और स्कूल दोबारा सुचारु रूप से खोला जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो बच्चों का भविष्य अंधकार में चला जाएगा। अब सवाल यह है कि शिक्षा व्यवस्था की इस लापरवाही पर जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी और आमखेड़ा के 23 बच्चों को उनका हक कब मिलेगा?