सागर- जंग में ढेर हुआ युवा बाघ, खोपड़ी टूटी, आंख पर दांत के निशान; सागर टाइगर रिजर्व में सनसनी
मध्यप्रदेश के सागर स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में एक युवा बाघ की रहस्यमयी मौत का मामला सामने आया है। 15 फरवरी को रेडियो कॉलर की लोकेशन ट्रैकिंग के बाद मानेगांव बीट के कक्ष क्रमांक 159 में उसका शव मिला। अब प्राथमिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है—बाघ की मौत टेरिटरी को लेकर हुई भीषण लड़ाई में हुई। निगरानी टीम को लगातार दो दिन तक बाघ की लोकेशन एक ही स्थान पर मिल रही थी। शुरुआत में इसे सामान्य मूवमेंट माना गया, लेकिन तीसरे दिन जब स्थिति नहीं बदली तो टीम मौके पर पहुंची। वहां बाघ मृत अवस्था में पड़ा मिला।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रोटोकॉल के तहत तीन डॉक्टरों की पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इसमें पन्ना टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता सहित विशेषज्ञ शामिल रहे। रिपोर्ट में सामने आया कि बाघ की खोपड़ी की हड्डियां टूटी हुई थीं। आंख के पास दूसरे बाघ के दांत के गहरे निशान मिले और एक पैर का नाखून टूटा हुआ था। इन गंभीर चोटों से स्पष्ट है कि संघर्ष बेहद हिंसक था। घटनास्थल के आसपास डॉग स्क्वॉड से सर्चिंग कराई गई, जहां दूसरे बाघ के पगमार्क भी मिले। पानी की जांच में करंट या जहर जैसी किसी आशंका के संकेत नहीं मिले, जिससे प्राकृतिक संघर्ष की पुष्टि और मजबूत हुई।
बताया जा रहा है कि मृत बाघ को करीब एक माह पहले कान्हा टाइगर रिजर्व से यहां शिफ्ट किया गया था। इससे पहले वह सिवनी जिले के पेंच क्षेत्र से शावक अवस्था में रेस्क्यू किया गया था। करीब 35 महीने की रिवाइल्डिंग ट्रेनिंग के बाद उसे खुले जंगल में छोड़ा गया था। डीएफओ रजनीश कुमार के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में मौत का कारण टेरिटरी फाइट ही सामने आया है। फिलहाल वन विभाग विस्तृत जांच में जुटा है। इस घटना ने एक बार फिर जंगल में बाघों के क्षेत्रीय संघर्ष की गंभीरता को उजागर कर दिया है।