MP बजट सत्र में हंगामा, 18 फरवरी को पेश होगा बजट, वित्त मंत्री देवड़ा बोले कोई वर्ग वंचित नहीं रहेगा
भोपाल में मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र जोरदार हंगामे के साथ शुरू हुआ। मध्य प्रदेश विधानसभा के सत्र की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ से हुई, जिसके बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अभिभाषण दिया। हालांकि भाषण के दौरान विपक्ष ने नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा उठाते हुए जोरदार नारेबाजी की। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही अगले दिन सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई। इस बीच प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने साफ किया कि 18 फरवरी को मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बजट पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाला बजट पहले से बेहतर होगा और इसमें किसी भी वर्ग या विभाग को वंचित नहीं रखा जाएगा। पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किए जाएंगे और सदन में कांग्रेस के सवालों का जवाब भी दिया जाएगा।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में ‘अमृत काल’ और वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य दोहराया। भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, कृषि वर्ष 2026 की घोषणा, पीएम जनमन योजना के तहत आवास निर्माण और उज्जैन में शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के प्रयासों का उल्लेख भी किया गया। विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने प्रदेश के कर्ज पर श्वेत पत्र लाने और आरोपित मंत्रियों को सत्र से दूर रखने की मांग की।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने स्पष्ट किया कि जो हिस्सा अभिभाषण में पढ़ा नहीं जा सका, उसे पढ़ा हुआ माना जाएगा। बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा, जिसमें हजारों प्रश्न, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और विधेयक पेश किए जाएंगे। अब सबकी नजर 18 फरवरी पर टिकी है, जब राज्य का मुख्य बजट सदन में पेश होगा और सत्ता-विपक्ष के बीच असली परीक्षा शुरू होगी।