सितारा बनीं सीता, किन्नर गुरु की सनातन धर्म में घर वापसी, महादेवगढ़ मंदिर में हुआ वैदिक अनुष्ठान
एमपी के खंडवा शहर में सोमवार को एक अनोखा और चर्चित धार्मिक आयोजन देखने को मिला। शहर के अति प्राचीन महादेवगढ़ मंदिर में किन्नर गुरु वाहिद अहमद उर्फ ‘सितारा गुरु’ ने सनातन धर्म में घर वापसी की और उन्हें नया नाम ‘सीता’ प्रदान किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन और विशेष अनुष्ठान के बीच यह प्रक्रिया संपन्न हुई। कार्यक्रम का नेतृत्व रायपुर की किन्नर महामंडलेश्वर सखी सौम्या देवी ने किया। मंदिर परिसर में विद्वान पंडितों की उपस्थिति में गंगाजल और गोमूत्र से शुद्धिकरण स्नान कराया गया। इसके बाद विधिवत हवन और आरती का आयोजन हुआ। ढोल-ताशों की गूंज के बीच किन्नर समाज के सदस्यों ने नृत्य और भजन के साथ अपनी गुरु ‘सीता’ का स्वागत किया। पूरा मंदिर परिसर भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आया।
मंदिर प्रबंधक अशोक पालीवाल ने बताया कि इस आयोजन को लेकर किन्नर समाज के प्रतिनिधियों ने पहले ही चर्चा की थी, जिसके बाद वैदिक परंपराओं के अनुसार विधि-विधान तय किया गया। अनुष्ठान पूरी धार्मिक प्रक्रिया के साथ संपन्न कराया गया। धर्म परिवर्तन के बाद ‘सीता’ ने कहा कि वे लंबे समय से सनातन परंपरा से प्रभावित थीं। उनके अनुसार, इस धर्म में सभी को सम्मान और स्वीकार्यता मिलती है। महाशिवरात्रि के दिन उन्होंने महादेव की शरण में जीवन बिताने का संकल्प लिया था। उसी संकल्प को पूरा करते हुए उन्होंने अपने चेलों के साथ मंदिर पहुंचकर घर वापसी की प्रक्रिया पूरी की।
सीता ने कहा कि वे शेष जीवन समाज सेवा और धार्मिक गतिविधियों में समर्पित करना चाहती हैं। उनका मानना है कि सनातन परंपरा जोड़ने और समरसता का संदेश देती है। कार्यक्रम के दौरान किन्नर समाज द्वारा विशेष आरती की गई, जिसने आयोजन को और भावनात्मक बना दिया। इस आयोजन ने शहर में चर्चा का विषय बना दिया है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।