सागर- स्कूल का नहीं दलदल वाला रास्ता कहिये, कीचड़ में सनकर स्कूल जाते हैं बच्चे
सागर जिले के बीना के एक गांव में लोगों के घरों से निकलने वाले गंदे पानी की वजह से बच्चों को स्कूल जाने में खासी दिक्कत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आलम ये है की गांव का सारा पानी इकट्ठा होकर स्कूल के गेट के सामने जमा हो जाता है। और सड़क दलदल बन चुकी है। यह आलम काफी समय से है। लेकिन ध्यान देने वाला कोई नहीं है। तस्वीरों को देखकर ही आप अंदाज़ा लगा सकते हैं की बच्चे कैसे और किन मुसीबतों में स्कूल जाते होंगे।
बताया जा रहा है की यह नज़ारा बीना से करीब 15 किलोमीटर दूर पड़रिया गांव के सरकारी एकीकृत हाई स्कूल का है। जहां मुख्य गेट पर गंदगी ही गंदगी पसरी हुई है। और इन्ही हालातों के बीच बच्चों को स्कूल पहुंचना पड़ता है। जबकि शासन प्रशासन का इस तरफ ध्यान नहीं है। दरअसल पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह जब गांव पहुंचे तो लोगों ने उन्हें इस बात से अवगत कराया। जिसके बाद उन्होंने कई गंभीर सवाल खड़े किये।
विकास के भले ही लाख दावे कर लिए जाएं। लेकिन धरातल पर देखा जा सकता है की किस तरीके से विद्यार्थी स्कूल पहुंचते हैं। बीना से करीब 15 किलोमीटर दूर पड़रिया गांव के इस सरकारी हाई स्कूल में पहुंचना किसी जंग से कम नहीं है। यहां पढ़ने वाले बच्चों को रोजाना इस कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में ग्रामीण अंचलों की परेशानियों को लेकर जब ग्रामीण अंचल का भ्रमण कर रहे थे।
उसी दौरान कुछ बच्चों ने स्कूल के मुख्य गेट पर गंदगी को लेकर ध्यान आकर्षित कराया। यह देखकर पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि यह क्या है इतनी गंदगी पैर पसारे हैं ना तो सरपंच को चिंता है ना ही जनप्रतिनिधियों को। शिक्षा के मंदिर में गंदगी पैर पसारे हुए हैं। बच्चों ने बताया की नालियां न होने की वजह से यह परेशानी हो रही है। सड़क पर ढलान होने की वजह से गांव का सारा पानी स्कूल के गेट के यहां इकठ्ठा हो जाता है। जिससे यहां कीचड़ हो जाती है। यह स्थिति 12 महीने ही रहती है।--------