बाबा महाकाल के दरबार में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, 44 घंटे बरसेगी महाकाल की कृपा
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बाबा महाकाल की नगरी अवंतिका में आस्था का महाकुंभ उमड़ने जा रहा है। इस बार प्रशासन ने करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान लगाते हुए महाकाल दरबार में 44 घंटे तक भक्तों पर शिव कृपा बरसेगी। जिसको लेकर बाबा के पट लगातार खुले रहेंगे। सोमवार को सुबह बाबा महाकाल को सवा क्विंटल फूलों और सप्तधान से सेहरा बंधेगा। इसके बाद दोपहर में साल में सिर्फ एक बार होने वाली भस्म आरती होगी।
उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा और मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक की टीम ने सुरक्षा और सुविधा का ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है कि कतार में लगने के मात्र 40 मिनट के भीतर श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन कर सकेंगे।
दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए भील समाज धर्मशाला से प्रवेश की विशेष व्यवस्था की गई है। जहां से श्रद्धालु चारधाम मंदिर, शक्ति पथ और भव्य महाकाल लोक होते हुए मानसरोवर भवन और नवीन टनल के जरिए गणेश मण्डपम् पहुँचकर भगवान के दर्शन का लाभ उठा सकेंगे। 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट धारकों के लिए अलग से बैरिकेडिंग की गई है। ताकि किसी भी वर्ग के श्रद्धालु को असुविधा न हो।
महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के मुताबिक सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र की 800 सीसीटीवी कैमरो से नजर रखी जाएगी। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत ना आए इसके लिए मंदिर परिसर में 1 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी मंदिर में तैनात किए गए है। श्रद्धालुओं को पैदल चलने में परेशानी न हो, इसके लिए पूरे मार्ग पर कालीन बिछाई गई है। पेयजल के साथ-साथ छाया की व्यवस्था भी की गई है। इस बार एक अनूठी पहल के तहत दोपहिया वाहन चालकों को मंदिर की ओर से ही जूता बैग दिए जा रहे हैं।
यातायात को सुगम बनाने के लिए मन्नत गार्डन से कर्कराज पार्किंग तक शटल बसें निरंतर दौड़ेंगी। लड्डू प्रसाद के शौकीनों के लिए प्रमुख पार्किंग स्थलों और चौराहों पर 12 अस्थायी काउंटर खोले गए हैं। 15 फरवरी की भस्म आरती रात 2:30 बजे से शुरू होगी। जबकि अगले दिन भी चलित भस्म आरती के माध्यम से हजारों भक्त लाभान्वित होंगे। मंदिर प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु दिशा-सूचक बोर्डों का पालन करें ताकि 44 घंटे चलने वाले इस महापर्व में व्यवस्था सुचारू बनी रहे।